मनाया गया पहली आजादी महोत्सव, क्रान्तिबाग लिखा जाने का प्रस्ताव
प्रयागराज 7 जून (आरएनएस)। 10 दिन तक इलाहाबाद को अंग्रेजों के शासन से मुक्त रखा यह बड़ी ऐतिहासिक घटना है। इस पर हम सबको गर्व करना चाहिए हमें यह इतिहास नई पीढ़ी को भी अवगत कराना है।
जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा आज पहली आजादी महोत्सव में क्रांति बाग में बोलते हुए आगे कहा कि यह बड़ी बात है कि हमारे पूर्वजों ने इतनी बड़ी कुर्बानी दी और भारत की आन बान शान बनाए रखने के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान किया। हमें उनसे प्रेरणा लेना चाहिए। इतिहास से यही सीखना चाहिए कि हम अपने देश को आगे बढ़ाने के लिए क्या कर सकते हैं।
चलो कुछ अच्छा करें ध्येय वाक्य को लेकर शहीदों के लिए भारत भाग्य विधाता संस्था और उसके संयोजक वीरेन्द्र पाठक जो प्रेरणादायक काम कर रहे हैं, उसे अपने स्तर पर बढ़ता है हम जहां भी रहे देश के लिए कुछ अच्छा करें। मनीष वर्मा ने कहा कि सिर्फ एक दिन इतिहास को याद कर लेने से काम नहीं चलेगा हमें अपने स्तर पर देश को नैतिक नागरिक बनने के लिए खुद को प्रेरित करना होगा।
पहले आजादी महोत्सव कार्यक्रम के संयोजक वीरेन्द्र पाठक ने बताया कि 6 जून को छठवी निटी बटालियन के सिपाही रामचंद्र की अगुवाई में क्रांति हुई और फिर 7 जून को खुसरो बाग में क्रांतिकारियों ने सरकार की घोषणा की 10 दिनों तक मौलवी लियाकत अली की अगवाई में सरकार चलाई गई। कर्नल नील के दमन का जिक्र भी किया और बताया कि तब के इलाहाबाद आज के प्रयागराज के अधिकांश पेड़ पर भारतीयों को फांसी दी गई।
प्रारंभ में पूर्व जीए आशुतोष संड ने बाघ के बाहर सड़क पर 1857 क्रांतिकारियों का मुख्यालय का बोर्ड लगाने की मांग रखी। उन्होंने सभी का स्वागत किया। धन्यवाद ज्ञापन अनिल गुप्ता ने किया। संचालन डा प्रमोद शुक्ला ने किया। वी के सिंह ने इस अवसर पर सभी को क्रान्ति की स्मृति हेतु एक पौधे वितरित किया।
पुलिस बैण्ड के देशभक्ति की धुनों से क्रान्ति बाग गुंजायमान हो गया।
इस अवसर पर वी के मिश्र, प्रीती रावत, सुनीता मिश्रा, शशिकांत मिश्र, जगत नारायण, आनंद श्रीवास्तव, सी एल सिंह, नीरज अग्रवाल, रघुनाथ द्विवेदी, विनोद जायसवाल, राजकुमार केशरवानी, राजीव वर्मा बेदी भाई, प्रदीप जायसवाल विक्रम मालवीय, आरव भारद्वाज, अनुराग द्विवेदी, नीरज शर्मा, आशीष भट्ट,डा शमशाद, हिमांशु राज शम्स ताज, प्रवीण मिश्र, पुष्पराज सिंह, डा जैद उल्लाह प्रमुख रूप से मौजूद थे।
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