भोजन की बर्बादी हमारे शास्त्रों और किसानों का अपमान है
प्रयागराज 7 जून (आरएनएस)। अलोपीबाग गुरुद्वारा संगत ने पाठ-सिमरन के उपरांत अन्न की बर्बादी को रोकने का संकल्प लिया।
गुरुद्वारा प्रधान परमजीत सिंह बग्गा ने कहा कि भोजन की बर्बादी हमारे शास्त्रों और किसानों का अपमान है। अन्न को सहेजना सीखिए,क्योंकि हर फेका गया निवाला किसी भूखे के हक की रोटी है। उन्होंने कहा कि हम अपनी थाली की मर्यादा भूल चुके हैं। बचा हुआ खाना फेंकने के बजाय उसका सही उपयोग करें जो एक सकारात्मक पहल हो सकती है। भोजन से करोड़ों लोगों का पेट भर सकता है लेकिन हमारी लापरवाही से यह बर्बाद हो जाता है जो बेहद चिंताजनक और सोचने पर मजबूर करने वाला है। जब लोग भोजन को बर्बाद कर रहे होते हैं तब करोड़ों लोग रात को भूखे पेट सोने पर मजबूर होते हैं हमें भोजन की बर्बादी रोकने के लिए संकल्पबद्ध होकर काम करना चाहिए।
सुविख्यात समाजसेवी व भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा काशी क्षेत्र,क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरदार पतविन्दर सिंह ने कहा कि हम लोग प्लेट में जरूर से ज्यादा खाना लेते हैं, थोड़ा खाते हैं और बाकी यूं ही छोड़ देते हैं। तो हम उस किसान की मेहनत को भी अनदेखा कर रहे होते हैं जिस ने तपती दोपहरी में खून-पसीना एक किया होता है
अन्न की बर्बादी को रोकने का संकल्प लेने वालो मे परमजीत सिंह बग्गा, गुरुदीप सिंह सरना, सरदार पतविंदर सिंह, कुलदीप सिंह बग्गा, बलजीत सिंह, मनु सिंह चावला, हरमनजी सिह, कुलदीप सिंह खालसा,
लखविंदर सिंह, राजेंद्र सिंह ग्रोवर,प रमिंदर सिंह बंटी,
जसवीर सिंह, मनजीत सिंह खालसा, सुदर्शन सिंह, प्रेमजीत गुुजराल, जसवीर कौर, अंजु गुलजार, सरगम कौर, दलजीत कौर सहित बड़ी संख्या मे श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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