रायगढ़, 08 जून (आरएनएस)। रायगढ़ पुलिस ने वर्ष 2022 से लापता एक नाबालिग बालिका को राजस्थान से सकुशल बरामद कर बड़ी सफलता हासिल की है। मामले में बालिका को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने, विवाह करने और शारीरिक शोषण करने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में लापता बच्चों और महिलाओं की खोजबीन के लिए गठित विशेष टीम ने यह कार्रवाई की। थाना कोतरारोड़ में 8 नवंबर 2022 को दर्ज गुमशुदगी के मामले की जांच के दौरान पुलिस को सोशल मीडिया के जरिए महत्वपूर्ण सुराग मिला। जांच में सामने आया कि राजस्थान निवासी श्योजी राम का नाबालिग से संपर्क था।
पुलिस की लगातार तकनीकी जांच और पतासाजी के बाद 5 जून 2026 को राजस्थान के डिडवाना-कुचामन जिले से पीडि़ता को बरामद किया गया। इसके बाद 7 जून को उसे सकुशल रायगढ़ लाया गया।
पूछताछ में पीडि़ता ने बताया कि उसकी पहचान करीब पांच वर्ष पहले इंस्टाग्राम के माध्यम से राजस्थान निवासी श्योजी राम से हुई थी। बातचीत बढऩे के बाद आरोपी ने विवाह का झांसा देकर उसे रायगढ़ से राजस्थान बुलाया। आरोपी ने रेलवे टिकट भेजकर जयपुर और फिर किशनगढ़ पहुंचने को कहा, जहां से वह उसे अपने साथ ले गया और किराये के मकान में रखकर साथ रहने लगा।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी को नाबालिग की वास्तविक उम्र की जानकारी थी। इसके बावजूद उसने उससे विवाह किया और शारीरिक संबंध बनाए। पुलिस ने पीडि़ता के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराएं जोड़ते हुए कार्रवाई की।
आरोपी श्योजी राम (29 वर्ष), निवासी ग्राम शिवदानपुरा, थाना चितावा, राजस्थान को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। मामले की विवेचना जारी है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि लापता बच्चों और महिलाओं की सुरक्षित बरामदगी रायगढ़ पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और प्रत्येक मामले में संवेदनशीलता, तत्परता तथा मानवीय दृष्टिकोण के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
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