नई दिल्ली 09 June (Rns) : संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में अफगानिस्तान की स्थिति पर आयोजित बैठक के दौरान भारत ने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला। भारत ने पाकिस्तान द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे ‘फिटना अल हिंदुस्तान’ शब्द को सरकारी स्तर पर फैलाया जा रहा दुष्प्रचार और गलत सूचना अभियान करार दिया।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वथानेनी हरीश ने कहा कि पाकिस्तान अपने देश के भीतर सक्रिय समूहों को ‘फिटना अल हिंदुस्तान’ बताकर तथ्यों से परे एक ऐसा नैरेटिव गढ़ रहा है, जिसे धार्मिक शब्दावली का सहारा देकर प्रचारित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह पाकिस्तान के सत्ता प्रतिष्ठान की उस सोच का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश की वास्तविक राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों से जनता का ध्यान भटकाना है।
भारतीय प्रतिनिधि ने आरोप लगाया कि भारत के खिलाफ स्थायी शत्रुता का माहौल बनाकर पाकिस्तान में सत्ता और संसाधनों पर नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इसे पाकिस्तान की “संगठित नफरत की फैक्ट्री” का परिणाम बताया।
बैठक के दौरान भारत ने अफगानिस्तान में पाकिस्तान द्वारा किए गए सैन्य हवाई हमलों की भी आलोचना की। पर्वथानेनी हरीश ने कहा कि किसी नरसंहार को सैन्य अभियान का नाम देने से उसकी जिम्मेदारी समाप्त नहीं हो जाती। निर्दोष नागरिकों की मौत, लोगों का घायल होना और बच्चों का अनाथ होना आतंकवाद विरोधी कार्रवाई नहीं कहा जा सकता। भारत का कहना है कि इन हमलों से अफगान नागरिकों को भारी नुकसान और पीड़ा का सामना करना पड़ा है।
भारत ने पाकिस्तान पर दोहरे मापदंड अपनाने का भी आरोप लगाया। भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि एक ओर पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय कानून और इस्लामी एकजुटता की बात करता है, वहीं दूसरी ओर रमजान जैसे पवित्र महीने में सैन्य कार्रवाई करता है। यह उसके कथनी और करनी के बीच के अंतर को दर्शाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि अपनी आंतरिक समस्याओं के लिए पड़ोसी देशों को जिम्मेदार ठहराना पाकिस्तान की पुरानी प्रवृत्ति रही है और दुनिया को गुमराह करने की उसकी यह कोशिश सफल नहीं होगी।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष पाकिस्तान ने बलूचिस्तान में सक्रिय आतंकवादी और उग्रवादी संगठनों को ‘फिटना अल हिंदुस्तान’ की श्रेणी में रखना शुरू किया था। पाकिस्तान का दावा था कि ये संगठन भारत के इशारे पर काम कर रहे हैं, हालांकि इस संबंध में उसने कोई सार्वजनिक प्रमाण पेश नहीं किया। भारत ने अब संयुक्त राष्ट्र के मंच से इस पूरे नैरेटिव को खारिज करते हुए इसे भ्रामक और राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित अभियान बताया है।

