०ग्रामीणों को चार प्रकार के कचरे के पृथक्करण एवं स्वच्छता नियमों की दी गई जानकारी
०एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत किया गया वृक्षारोपण
गरियाबंद,10 जून (आरएनएस)। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों को कचरा मुक्त और आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों में तेजी आ गई है। इसी कड़ी में ग्राम सुरसाबांधा में ग्राम सभा का आयोजन किया गया। जिसमें जिला सलाहकार ने ग्रामीणों से सीधे रूबरू होकर स्वच्छता नियमों और प्रबंधन की जानकारी साझा की। इस दौरान जिला सलाहकार परवेज हनफी ने सुरसाबांधा में स्थापित गोबरधन प्लांट का निरीक्षण किया। उन्होंने प्लांट के संचालन और उससे होने वाले लाभों को लेकर संबंधितों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके साथ ही, पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए प्रधानमंत्री के राष्ट्रव्यापी आह्वान के तहत एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत गांव में वृक्षारोपण भी किया गया और ग्रामीणों को पौधों की देखभाल करने का संकल्प दिलाया गया।ग्राम सभा में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के प्रावधानों पर ग्रामीणों के साथ विस्तार से चर्चा की गई। जिला सलाहकार ने गांव को पूरी तरह स्वच्छ बनाने के लिए सभी से 04 प्रकार के कचरे गीला, सूखा, सेनेटरी और विशेष देखभाल बाला कचरा को घर पर ही अलग-अलग करने की आदत डालने की अपील की। उन्होंने समझाया कि अगर कचरे को शुरुआत में ही अलग कर लिया जाए, तो उसका निपटान और रिसाइक्लिंग बेहद आसान हो जाती है। इस दौरान ग्रामीणों ने स्वच्छता को लेकर अपनी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और कचरा प्रबंधन को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का भरोसा दिलाया। ग्रामीणों की इस सजगता और उत्साह को देखकर जिला सलाहकार बेहद खुश हुए।ग्रामीणों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा, आप लोगों के जैसा जागरूक ग्रामीण अगर हर गांव में हो, तो हमारे जिले को पूरी तरह स्वच्छ और आदर्श बनने में जरा भी समय नहीं लगेगा। सुरसाबांधा ने स्वच्छता की जो राह चुनी है, वह बाकी गांवों के लिए भी प्रेरणादायी है। इस अवसर पर ग्राम पंचायत के सरपंच घनश्याम साहू, सचिव धरम साहू, विकासखंड समन्वयक रेवती रमण साहू वार्ड पंच अन्य प्रतिनिधि, स्वच्छाग्रही और बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहे, जिन्होंने गांव को कचरा मुक्त और हरा-भरा बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।
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