०दुर्ग और जगदलपुर स्थित आवासीय केन्द्रों में मिलेगा अध्ययन व छात्रवृत्ति का लाभ
०पात्र विद्यार्थी 15 दिनों के भीतर आवेदन कर आदिवासी विकास कार्यालय में जमा करेंएससी एवं एसटी विद्यार्थियों के लिए विज्ञान एवं वाणिज्य
शिक्षण केन्द्रों में प्रवेश का अवसर
गरियाबंद,10 जून (आरएनएस)। कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद प्रदेश के अनुसूचित क्षेत्रों में निवासरत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए विज्ञान एवं वाणिज्य शिक्षण केन्द्रों में प्रवेश की प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है। आदिवासी विकास विभाग द्वारा संचालित विज्ञान एवं वाणिज्य शिक्षण केन्द्र (कन्या) जिला दुर्ग तथा विज्ञान एवं वाणिज्य शिक्षण केन्द्र (बालक) जिला मुख्यालय जगदलपुर (बस्तर) में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए पात्र विद्यार्थियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ने बताया कि योजना के अंतर्गत ऐसे विद्यार्थी पात्र होंगे जो प्रदेश के अनुसूचित क्षेत्रों में निवासरत हों, अनुसूचित जाति अथवा अनुसूचित जनजाति वर्ग से संबंधित हों तथा कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा न्यूनतम 40 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण किए हों। साथ ही विज्ञान अथवा वाणिज्य विषयों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक हों। पात्र विद्यार्थियों को विभाग के साथ एक अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर करना होगा। जिसमें विज्ञान अथवा वाणिज्य विषय में स्नातक, स्नातकोत्तर एवं बी.एड. की पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रदेश के अनुसूचित क्षेत्रों में शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं देने की सहमति देनी होगी।पात्रता की शर्तें पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों को क्रमश: बालकों के लिए जगदलपुर तथा बालिकाओं के लिए दुर्ग स्थित शिक्षण केन्द्रों में अस्थायी प्रवेश दिया जाएगा। अस्थायी प्रवेश प्राप्त विद्यार्थियों को अपनी रुचि के अनुसार जिला मुख्यालय अथवा आसपास संचालित शासकीय या मान्यता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में विज्ञान अथवा वाणिज्य विषय की स्नातक अथवा स्नातकोत्तर कक्षाओं में 15 दिनों के भीतर प्रवेश लेना अनिवार्य होगा। प्रवेश प्रक्रिया के दौरान संस्था के प्रशासनिक अधिकारी एवं संबंधित सहायक आयुक्त द्वारा विद्यार्थियों को आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान किया जाएगा। नियमित शिक्षण संस्थानों में प्रवेश लेने के बाद विद्यार्थियों को विज्ञान एवं वाणिज्य विकास केन्द्र में स्थायी प्रवेश प्रदान किया जाएगा। स्थायी प्रवेश के पश्चात वे योजना के अंतर्गत उपलब्ध कराई जाने वाली छात्रवृत्ति, आवासीय सुविधा एवं अन्य लाभों के पात्र होंगे। योजना के अनुसार स्नातक स्तर पर एक बार अनुत्तीर्ण होने पर विद्यार्थी को एक वर्ष तक पुन: शासकीय व्यय पर अध्ययन की सुविधा मिलेगी। दोबारा अनुत्तीर्ण होने की स्थिति में आगामी एक वर्ष तक विद्यार्थी को स्वयं के व्यय पर अध्ययन करना होगा। किसी भी स्थिति में स्नातक पाठ्यक्रम के लिए अधिकतम चार वर्ष तक छात्रवृत्ति एवं अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।योजना के तहत पात्र छात्राओं को विज्ञान विकास केन्द्र (कन्या) दुर्ग तथा छात्रों को विज्ञान विकास केन्द्र (बालक) जगदलपुर में आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। विद्यार्थी वर्ष 2026-27 में जिला मुख्यालय अथवा आसपास संचालित शासकीय अथवा मान्यता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों में बी.एससी. गणित, विज्ञान अथवा बी.कॉम. प्रथम वर्ष में प्रवेश प्राप्त कर सकते हैं। प्रवेश प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ होने की संभावना है। आदिवासी विकास विभाग ने इच्छुक एवं पात्र विद्यार्थियों से अपील की है कि वे अपने आवेदन कार्यालय कलेक्टर (आदिवासी विकास), गरियाबंद के कक्ष क्रमांक-56 में जमा करें। अधिक जानकारी के लिए संबंधित कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।
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