0 आलनार खदान में करोड़ों का कागजी खनन घोटाला, एफआईआर की मांग
= शैलेन्द्र ठाकुर =
दंतेवाड़ा, 11 जून (आरएनएस)। ग्राम आलनार स्थित लौह अयस्क खदान में फर्जी खनन के मामले में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संयुक्त महामंत्री छविंद्र कर्मा ने आरती स्पंज कंपनी और खनिज विभाग के बीच सांठ – गांठ का आरोप लगाया है। कर्मा ने प्रेस वार्ता आयोजित कर कहा कि मेसर्स आरती स्पंज एंड पावर लिमिटेड कंपनी पिछले कई वर्षों से केवल कागजों में खनन दिखाकर करोड़ों रुपये के घोटाले को अंजाम दे रही है। खनिज विभाग के अधिकारियों की संलिप्तता के बगैर यह संभव नहीं है। छबिंद्र ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच और कंपनी के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2018 से 2025 के बीच कंपनी द्वारा लगभग 2.72 लाख टन लौह अयस्क उत्पादन का रिकॉर्ड दर्ज किया गया, जबकि मौके पर न तो कोई वास्तविक खनन गतिविधि दिखाई देती है, न मशीनें लगी हैं और न ही खदान क्षेत्र में किसी प्रकार की खुदाई के प्रमाण मौजूद हैं। इस जगह तक पहुंचने के लिए कोई रास्ता भी नहीं है, जिससे लौह अयस्क का परिवहन हो सके।
ऐसे में सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज उत्पादन और वास्तविक स्थिति के बीच बड़ा अंतर कई सवाल खड़े करता है।
उन्होंने कहा कि जिस खदान क्षेत्र तक पहुंचने के लिए समुचित सड़क तक उपलब्ध नहीं है, वहां से ट्रांजिट पास जारी होना और वाहनों तथा ड्राइवरों के नाम दर्ज होना पूरे मामले में फर्जी परिवहन और कागजी खनन के संगठित खेल की ओर इशारा करता है। छविंद्र कर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि यह क्षेत्र संविधान की पांचवीं अनुसूची और पेसा कानून के दायरे में आता है, जहां ग्राम सभा की अनुमति के बिना खनन गतिविधियां संचालित नहीं की जा सकतीं। इसके बावजूद स्थानीय ग्राम सभाओं की सहमति के बिना खदान आवंटित किए जाने का दावा करते हुए उन्होंने इसे आदिवासी अधिकारों और वनाधिकार कानून का उल्लंघन बताया। कंपनी ने स्थानीय युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन जब जमीन पर खनन कार्य शुरू ही नहीं हुआ तो रोजगार के दावे भी सवालों के घेरे में हैं।
0
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

