कोलकाता। उत्तर 24 परगना जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक प्रतिष्ठित निजी अंग्रेजी (प्राइवेट) स्कूल के परिसर से केन्द्रीय बल की मौजूदगी में पुलिस कार्रवाई में 1 करोड़ 77 लाख रुपये की भारी-भरकम नकदी (कैश) बरामद की है। स्कूल जैसी शैक्षणिक संस्था से इतनी बड़ी मात्रा में बेहिसाब कैश मिलने के बाद पूरे प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारे में हड़कंप मच गया है। स्कूल से केवल नकदी ही नहीं मिला बरन यहां कंडोम के कई पैकेट भी मिले है। उक्त अभियान उत्तर 24 परगना जिले के कांचरापाड़ा स्थित एक अंग्रेजी माध्यम निजी स्कूल में चला। कार्रवाई आज तड़के लगभग चार बजे तक चली। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, स्कूल के अधिकारियों और प्रबंधन समिति से इस बरामद कैश के वैध दस्तावेज और स्रोत की जानकारी मांगी गई है, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई संतोषजनक जवाब या बिल पेश नहीं किया जा सका है। पुलिस ने नकदी को जब्त कर लिया है और स्कूल के वित्तीय खातों व पिछले कुछ महीनों के लेन-देन के रिकॉर्ड को खंगालना शुरू कर दिया है। जानकारी के अनुसार, बीजपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुदीप्त दास अपने क्षेत्र के शैक्षणिक संस्थानों का डाटा बैंक तैयार कराने की पहल कर रहे हैं। इसी प्रक्रिया के दौरान उनके प्रतिनिधियों को संबंधित स्कूल के बारे में कुछ सूचनाएं मिलीं। इसके बाद विधायक स्वयं रात में स्कूल पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर स्थानीय थाना पुलिस और केंद्रीय बल के जवान भी मौके पर पहुंचे। बरामद नकदी की गणना के लिए रात में ही नोट गिनने की मशीनें स्कूल लाई गईं। पहले दो मशीनों से गिनती शुरू हुई, बाद में एक और मशीन मंगाई गई। सूत्रों के मुताबिक, तड़के साढ़े 4 बजे तक करीब एक करोड़ 77 लाख रुपये की गिनती पूरी की जा चुकी थी।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा विधायक सुदीप्त दास ने कहा कि जिस प्रकार पूर्व मंत्री पार्थ चट्टोपाध्याय के आवास से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद हुई थी, यह मामला भी वैसा ही प्रतीत होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल में लंबे समय से अनियमितताओं की शिकायतें मिल रही थीं और अब इतनी बड़ी मात्रा में नकद मिलने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। विधायक ने यह भी दावा किया कि बरामद धनराशि स्कूल की नहीं है, बल्कि कुछ राजनीतिक व्यक्तियों का कथित काला धन हो सकता है, जिसे जांच एजेंसियों के डर से यहां रखा गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल की प्रबंधन समिति से जुड़े कुछ प्रभावशाली लोगों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। हालांकि, जिन व्यक्तियों के नाम विधायक ने लिए हैं, उनकी ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। दूसरी ओर, स्कूल के प्राचार्य विकासचंद्र पाल ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बरामद राशि छात्रों के प्रवेश शुल्क और अन्य मदों से प्राप्त स्कूल की रकम है। उनके अनुसार, अप्रैल महीने से जमा यह राशि बैंक में जमा कराई जानी थी और इसका प्रबंधन लेखा विभाग देखता है। ‘सिक रूमÓ की अलमारी से कंडोम का पैकेट मिलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है और यह वहां कैसे पहुंचा, वह नहीं जानते। वैसे खबर के लिखे जेना तक पुलिस ने स्कूल के कैशियर अभीक नाथ और सहायक लेखाकार सायन घोष को बीजपुर थाना पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुलिस का कहना है कि जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
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