नई दिल्ली,11 जून(आरएनएस)। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अनुमान लगाया है और गुरुवार के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. दिल्ली में 11 और 12 जून को मौसम का हाल ठीक नहीं रहने की उम्मीद है.
एक्सपर्ट का कहना है कि दिल्ली में अभी तापमान बढ़ रहा है क्योंकि पूरे उत्तर भारत में प्री-मॉनसून गर्मी बढ़ रही है. मौसम के नए अनुमान के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 25 से 30 जून के बीच दिल्ली और उत्तर भारत के ज्यादातर हिस्सों में पहुंच सकता है, जिससे गर्मी से बहुत जरूरी राहत मिलेगी. तब तक, लोगों को मौसम में बदलाव के कारण गर्मी, कभी-कभी धूल भरी आंधी और कहीं-कहीं आंधी-तूफान के लिए तैयार रहना चाहिए.
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान के साथ बारिश होने की संभावना है. अगले कुछ दिनों में इन इलाकों में ओले गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है, जिनकी रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकती है.
वहीं, दक्षिण भारत के लिए आईएमडी ने गुरुवार को केरल, तेलंगाना, तमिलनाडु और कर्नाटक के कई हिस्सों में हल्की से भारी बारिश का अनुमान लगाया है. यह अगले हफ्ते भी जारी रहेगी. इसके अलावा, इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज के साथ बारिश होने की उम्मीद है.
नॉर्थईस्ट और पूर्वी इलाके में, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और नागालैंड में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है. अगले 3 से 4 दिनों में पश्चिम बंगाल, सिक्किम, झारखंड, बिहार और हिमालयी इलाके में भी ऐसा ही मौसम रहने की उम्मीद है.
मध्य भारत में, 11 जून को छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है और यह 16 जून तक जारी रहने की उम्मीद है. वहीं, पश्चिम भारत में, 11 जून को गोवा और गुजरात में भारी बारिश हो सकती है.
मौसम विभाग का अनुमान है कि 13 जून तक उत्तर पश्चिम में अधिकतम तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है. इसके बाद, धीरे-धीरे 2 से 4 डिग्री सेल्सियस बढऩे की उम्मीद है. देश के बाकी हिस्सों में 15 जून तक अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव होने की उम्मीद नहीं है.
आईएमडी ने मछुआरों को अलर्ट किया है. मौसम विभाग ने मछुआरों को बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में न जाने की सलाह दी है, क्योंकि इन इलाकों में भारी बारिश और 45 से 55 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की उम्मीद है, जो 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक जा सकती हैं.
पर्यावरणविद, राजेश पॉल का कहना है कि भारत में अभी एक क्लासिक ट्रांजि़शन-फेज (एक मौसम का धीरे-धीरे खत्म होकर दूसरे मौसम की तरफ बढऩा) का मौसम पैटर्न देखा जा रहा है जिसमें वेस्टर्न डिस्टर्बेंस, मॉनसून की नमी और बहुत ज्यादा पृथ्वी की सतह का गर्म होना, एक साथ देखा जा रहा है.
ऐसी वायुमंडलीय अस्थिरता एक साथ कई खतरे पैदा कर सकती है. भारी बारिश, बिजली गिरना, ओले पडऩा और नुकसान पहुंचाने वाली हवाएं, इसलिए समय पर पूर्वानुमान और सार्वजनिक तैयारी बहुत जरूरी है.
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