नईदिल्ली ,11 जून(आरएनएस)। चुनाव आयोग और भाजपा पर मिलीभगत के आरोप के बीच गुरुवार को मध्य प्रदेश और राजस्थान में राज्यसभा चुनाव का परिणाम घोषित कर दिया गया है। राज्यों में 18 जून को मतदान होना था, लेकिन किसी प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार के न उतरने पर आयोग ने दोनों राज्यों में भाजपा के 5 और कांग्रेस के एक उम्मीदवार को निर्विरोध विजय घोषित किया है। मध्य प्रदेश में राज्यसभा की 3 सीट और राजस्थान में 3 सीट के लिए मुकाबला होना था।
राजस्थान में केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू, राजेंद्र सिंह गहलोत और नीरज डांगी का कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है। ऐसे में यहां 3 सीटों पर चुनाव हुए थे। भाजपा के पास 2 सीट, जबकि कांग्रेस के पास एक सीट जीतने के लिए संख्या बल था। ऐसे में यहां कोई क्रॉस वोटिंग और तीखा विवाद नहीं दिखा। भाजपा की ओर से सतीश पुनिया और अलका गुर्जर निर्विरोध जीते हैं। कांग्रेस ने नीरज डांगी को दोबारा सांसद बनाया है।
मध्य प्रदेश में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद भाजपा के तीनों उम्मीदवार निर्विरोध विजय घोषित हो गए, जबकि मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। भाजपा ने रजनीश अग्रवाल, तरुण चुघ को उतारा था, जिनके जीतने के पर्याप्त विधायक थे। क्रॉस वोटिंग की आशंका में भाजपा ने तीसरी सीट पर नटराजन के सामने महेश केवट को उतार दिया। मंगलवार को नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद गुरुवार को तीनों भाजपा उम्मीदवार निर्विरोध जीत गए।
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