प्रासंगिक और प्रभावशाली बने रहने के लिए रेडियो प्रसारण को “डिजिटल फर्स्ट” और “हाइपर-लोकल” दृष्टिकोण अपनाना होगा: श्री वैष्णव
नया एफएम ट्रांसमीटर सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रसारण अवसंरचना को मजबूत करने और “कश्मीर से कच्छ” तक कनेक्टिविटी की परिकल्पना आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखता है
New Delhi 12 June (Rns) /- केन्द्रिय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आकाशवाणी जयपुर परिसर से जैसलमेर के रामगढ़ में 20 किलोवाट के आकाशवाणी एफएम ट्रांसमीटर का वर्चुअल रूप से उद्घाटन किया।
इस नए ट्रांसमीटर के जुड़ने से राजस्थान में एफएम ट्रांसमीटरों की संख्या बढ़कर 39 हो गई है। रामगढ़ ट्रांसमीटर सीमावर्ती क्षेत्र में 80 कि.मी. के दायरे में रेडियो कवरेज सुनिश्चित करेगा, जो जैसलमेर जिले के लगभग 20 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को कवर करेगा और लोगों को विभिन्न प्रकार के सूचनात्मक, शैक्षिक और मनोरंजक कार्यक्रमों तक पहुंच प्रदान करेगा।
सभा को संबोधित करते हुए श्री वैष्णव ने प्रसार भारती के कामकाज और दृष्टिकोण में परिवर्तन का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तीव्र तकनीकी प्रगति के इस युग में प्रासंगिक और प्रभावशाली बने रहने के लिए रेडियो प्रसारण को “डिजिटल फर्स्ट” और “हाइपर-लोकल” दृष्टिकोण अपनाना होगा। उन्होंने अधिकारियों को इस परिवर्तन के लिए एक रोडमैप तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रसारण प्रणाली में स्थानीय कलाकारों और शिल्पकारों को एकीकृत करने के महत्व पर बल दिया।
श्री वैष्णव ने जयपुर में बन रहे आगामी एआई डेटा सेंटर का भी जिक्र किया और इसे भविष्य की नींव और तकनीकी प्रगति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
प्रसार भारती के अध्यक्ष प्रसून जोशी ने सभा को संबोधित करते हुए आकाशवाणी और दूरदर्शन जैसे संस्थानों के चिरस्थायी महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ये संगठन समाज की जड़ों से गहराई से जुड़े हुए हैं और व्यापक जनसमूह तक सूचना पहुंचाने और जमीनी हकीकतों को प्रतिबिंबित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं

