केंद्र, असम और नागालैंड के बीच हुए ऐतिहासिक MoU से पूरे नॉर्थ-ईस्ट में ऊर्जा, निवेश और समृद्धि का नया आर्थिक राजमार्ग खुलेगा
नगालैंड में उपलब्ध तेल-गैस, मिनरल्स के अकूत भंडार से तेल-गैस की विदेशी निर्भरता में कमी आएगी
नॉर्थ-ईस्ट का लगभग 80% क्षेत्र AFSPA से मुक्त, आने वाले दिनों में पूरा क्षेत्र AFSPA से मुक्त होगा
New Delhi 12 June (Rns) /- केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की मौजूदगी में आज नई दिल्ली में भारत सरकार, असम सरकार और नगालैंड सरकार के बीच असम-नगालैंड सीमावर्ती क्षेत्रों में खनिज तेल संचालन (Mineral Oil Operations) के संबंध में एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस मौके पर केन्द्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी, असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा और नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो सहित केंद्र, असम एवं नगालैंड सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
इस अवसर पर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि आज हम एक ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने हैं। उन्होंने कहा कि इस समझौते से तेल और प्राकृतिक गैस के अन्वेषण और खनिज के खनन की संभावना बनेगी, साथ ही प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा पूर्वोत्तर सहित पूरे देश के सामने रखी गई समृद्ध उत्तर-पूर्व की संकल्पना की राह में बहुत बड़ी बाधा दूर हुई है। श्री शाह ने कहा कि आज पूरा पूर्वोत्तर ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना से यह समझौता करके आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि असम और नगालैंड परस्पर सहयोग के जरिए भारत के तेल उत्खनन में कोई बाधा नहीं बनेंगे, क्योंकि यह राष्ट्रीय संपदा है।
केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि नगालैंड के मुख्यमंत्री ने बताया है कि छह फील्ड्स के अलावा पूरे नगालैंड में तेल की खोज के लिए राज्य सरकार पूरी तरह सहमत है। उन्होंने कहा कि असम सरकार भी इससे सहमत है, क्योंकि यह सभी के लिए ‘विन-विन सिचुएशन’ है। गृह मंत्री ने कहा कि इस त्रिपक्षीय समझौते से पूरे नॉर्थ-ईस्ट में खनिजों के खनन का रास्ता साफ होगा।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि श्री नरेन्द्र मोदी जी ने प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद से नॉर्थ-ईस्ट को अपने फोकस में रखा है। वे आजादी के बाद सबसे अधिक बार नॉर्थ-ईस्ट का दौरा करने वाले प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने कहा कि लिए मोदी जी ने नॉर्थ-ईस्ट को शांत और विकसित बनाने के जो प्रयास किए हैं, आजाद भारत के इतिहास में उनकी तुलना बमुश्किल मिलेगी। श्री शाह ने कहा कि 2019 के बाद अलग-अलग प्रकार के 12 समझौते हुए हैं, जिससे पूर्वोत्तर में शांति सुनिश्चित हुई और हिंसा में करीब 80% की कमी दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि नॉर्थ-ईस्ट का इंफ्रास्ट्रक्चर जिस गति से बढ़ा है, वह इन समझौतों के बिना संभव नहीं था
गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार में नॉर्थ-ईस्ट में पर्यटन एवं निवेश बढ़ा है और औद्योगिक शांति के कारण निजी क्षेत्र का निवेश भी बढ़ा है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर में 80% से अधिक क्षेत्र सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून (AFSPA) से मुक्त हो चुका है। उन्होंने विश्वास जताया कि एक-दो राज्यों को छोड़कर अगले साल पूरे नॉर्थ-ईस्ट से AFSPA को समाप्त कर दिया जाएगा।
श्री अमित शाह ने कहा कि देश के विकास, नॉर्थ-ईस्ट की समृद्धि और आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को मजबूत करने के लिए आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा के बिना किसी देश का विकास संभव नहीं है। अमेरिका, ईरान और इजराइल के संघर्षों के कारण हम और पूरी दुनिया गहरे संकट से गुजर रही है। उन्होंने कहा कि यह त्रिपक्षीय समझौता इस वैश्विक संकट में भारत के लिए कितनी जल्दी मददगार साबित होगा यह नहीं कहा जा सकता, लेकिन समय आने पर इससे भारत को काफी सुकून मिलेगा और हम अधिक आत्मनिर्भर बनेंगे। गृह मंत्री ने कहा कि इस समझौते से खनिजों के खनन की संभावनाएँ बढ़ी हैं और छह फील्ड्स के अलावा नगालैंड में हर जगह एक्सप्लोरेशन की संभावना में भी बढ़ोतरी हुई है। इससे दोनों राज्य न केवल समृद्ध होंगे, बल्कि आपसी सद्भाव भी बढ़ेगा और विकास को नई गति मिलेगी

