नई दिल्ली,12 जून(आरएनएस)। मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए पार्टी नेता मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने के मामले में, कांग्रेस ने शुक्रवार को दिल्ली में जंतर-मंतर पर भारत चुनाव आयोग (ईसीआई) के खिलाफ सत्याग्रह विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान विरोध कर रहे लोगों को बैनर पकड़े हुए देखा गया जिस पर लिखा था, पहले वोट चोरी, अब सीट चोरी और फिर चुनाव आयोग की बेशर्म मनमानी.
मीनाक्षी नटराजन के राज्यसभा नामांकन/आवेदन को कथित तौर पर अलोकतांत्रिक और अन्यायपूर्ण तरीके से खारिज किए जाने के विरोध में सत्याग्रह आयोजित किया जा रहा है. साथ ही, भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के सामने पार्टी की सामूहिक आवाज उठाकर स्वतंत्र, निष्पक्ष और लोकतांत्रिक चुनावी प्रक्रियाओं के सिद्धांतों को बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है.
मध्य प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने कहा, देश के लोकतंत्र को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट को आज एक ऐसा फैसला लेना चाहिए जो देश के लिए एक मिसाल बने. अगर सुप्रीम कोर्ट इस मामले में फैसला नहीं देता है, तो मेरा मानना है कि यह देश और लोकतंत्र के लिए खतरा होगा. सुप्रीम कोर्ट को स्थिति पूरी तरह साफ है. वहां नियमों और कानूनों के जानकार लोग बैठे हैं. चुनाव आयोग बार-बार सुप्रीम कोर्ट को गुमराह कर रहा है.
राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील पंवार ने बताया कि वे नटराजन के नॉमिनेशन पेपर खारिज करने के लिए ईसीआई के खिलाफ विरोध कर रहे हैं, जो कि गलत था. उन्होंने कहा, हम सरकार और ईसीआई के खिलाफ विरोध करेंगे क्योंकि उन्होंने उन्हें राज्यसभा के लिए नॉमिनेशन पेपर भरने से रोका यह फैसला गलत और असंवैधानिक है.
यह घटनाक्रम तब हुआ जब चुनाव अधिकारियों ने मीनाक्षी नटराजन के चुनावी हलफनामे में कथित अनियमितताओं का हवाला देते हुए उनके नामांकन पत्र खारिज कर दिए. इस फैसले के बाद कांग्रेस ने विरोध शुरू कर दिया है और चुनाव आयोग पर अनुचित तरीके से काम करने का आरोप लगाया है. इस हफ्ते की शुरुआत में, कांग्रेस के 10 सदस्यों के एक प्रतिनिधिमंडल ने इस मुद्दे पर चिंता जताने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात की. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को चुनाव आयोग और बीजेपी, दोनों की आलोचना की. उन्होंने दोनों के बीच जुगलबंदी का आरोप लगाया और दावा किया कि जिसे उन्होंने सीट चोरी कहा, उसके कारण राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव का नतीजा असल में वोटिंग से पहले ही तय हो गया था.
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