नई दिल्ली ,13 जून । अंतरिक्ष की दुनिया में राज करने वाली एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स (स्श्चड्डष्द्गङ्ग) ने शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार नैस्डैक (हृड्डह्यस्रड्डह्न) में धमाकेदार एंट्री की है। कंपनी का शेयर अपने आईपीओ प्राइस 135 डॉलर के मुकाबले करीब 11 फीसदी भारी प्रीमियम के साथ 150 डॉलर पर खुला। इस शानदार लिस्टिंग के साथ ही कंपनी की कुल वैल्यूएशन 2.2 ट्रिलियन डॉलर के ऐतिहासिक आंकड़े तक पहुंच गई है। शेयर बाजार में आए इस बंपर उछाल ने एलन मस्क की संपत्ति में बेतहाशा इजाफा किया है, जिससे वह 1 ट्रिलियन डॉलर से अधिक की नेटवर्थ वाले दुनिया के पहले इंसान बन गए हैं।
मस्क की सफलता से तीन भारतीयों की चमकी किस्मत
स्पेसएक्स के इस महा-आईपीओ का फायदा सिर्फ निवेशकों या एलन मस्क तक ही सीमित नहीं रहा है, बल्कि मस्क की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (्रढ्ढ) कंपनी &्रढ्ढ में काम करने वाले तीन भारतीय मूल के इंजीनियरों की भी छप्पर फाड़ लॉटरी लग गई है। इनमें देवेंद्र चापलोट, अमन मदान और आदित्य गुप्ता का नाम प्रमुखता से शामिल है। इन तीनों भारतीय दिग्गजों को इसी साल अप्रैल 2026 में &्रढ्ढ के भीतर बेहद अहम और बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं। ये एक्सपर्ट्स कंपनी के एआई मॉडल तैयार करने, उन्हें बेहतरीन तरीके से ट्रेन करने और वास्तविक दुनिया में उनके सटीक इस्तेमाल जैसे सबसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स की कमान संभाल रहे हैं।
जानें मस्क की कंपनी में क्या है इन दिग्गजों का रोल
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईआईटी बॉम्बे के पूर्व छात्र देवेंद्र चापलोट वर्तमान में &्रढ्ढ के एआई मॉडल्स की शुरुआती ट्रेनिंग का नेतृत्व कर रहे हैं। वहीं, अमन मदान इन आधुनिक एआई मॉडल्स को बनाने के लिए जरूरी तकनीकी टूल्स और इंफ्रास्ट्रक्चर की पूरी जिम्मेदारी अपने कंधों पर संभाल रहे हैं। इसके अलावा, आदित्य गुप्ता एआई मॉडल्स को वास्तविक उत्पादों में तब्दील करने और उन्हें ग्राहकों के लिए अधिक उपयोगी बनाने का अहम काम देख रहे हैं। आदित्य का टेक इंडस्ट्री में बड़ा नाम है और वे इससे पहले दिग्गज टेक कंपनी गूगल में ‘गूगल बार्डÓ (त्रशशद्दद्यद्ग क्चड्डह्म्स्र) और ‘गूगल असिस्टेंटÓ जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर भी काम कर चुके हैं।
शेयरों के जादू से रातों-रात अरबपति बनने की कगार पर
एलन मस्क की कंपनियों की कार्यशैली की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वे अपने कर्मचारियों को भारी-भरकम वेतन के साथ-साथ कंपनी के शेयर (इक्विटी) भी बोनस के रूप में देती हैं। गौरतलब है कि इसी साल स्पेसएक्स ने &्रढ्ढ का अधिग्रहण किया था, जिसके बाद इन कर्मचारियों के &्रढ्ढ वाले शेयर सीधे स्पेसएक्स के शेयरों में बदल गए। चूंकि ये तीनों भारतीय इंजीनियर वरिष्ठ पदों पर काबिज हैं, इसलिए इनके पास कंपनी के भारी मात्रा में शेयर मौजूद हैं। कंपनी की बढ़ती वैल्यूएशन के साथ ही इन शेयरों की कीमत रॉकेट की रफ्तार से बढ़ रही है। ऐसे में देवेंद्र, अमन और आदित्य के भविष्य में करोड़ों-अरबों रुपये की अकूत संपत्ति का मालिक बनने का रास्ता पूरी तरह से साफ हो गया है।
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