रायपुर, 16 जून (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं को अब ज्यादा बिजली बिल चुकाना होगा। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने बिजली दरों में औसतन 6.23 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। नई दरें 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होंगी और उपभोक्ताओं को अगस्त महीने में मिलने वाले बिल में इसका असर दिखाई देगा।
बिजली कंपनी ने आयोग के समक्ष बिजली दरों में 24 प्रतिशत वृद्धि और 6,304 करोड़ रुपये के घाटे का दावा किया था, लेकिन आयोग ने विस्तृत समीक्षा के बाद केवल 6.23 प्रतिशत बढ़ोतरी तथा 1,662 करोड़ रुपये के घाटे को ही स्वीकार किया है। इससे उपभोक्ताओं को प्रस्तावित भारी बढ़ोतरी से राहत मिली है।
आयोग ने प्रदेश में प्रति यूनिट बिजली की औसत आपूर्ति लागत 7.13 रुपये निर्धारित की है। नियामक आयोग द्वारा टैरिफ आदेश की प्रति छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी को भेज दी गई है।
अब बिजली कंपनी घरेलू, व्यावसायिक, औद्योगिक और कृषि उपभोक्ताओं के लिए अलग-अलग स्लैब के अनुसार नई दरों का विस्तृत चार्ट जारी करेगी। 1 जुलाई के बाद होने वाली बिजली खपत का बिल नई दरों के आधार पर तैयार किया जाएगा, जिसका भुगतान उपभोक्ताओं को अगस्त महीने में करना होगा।
बिजली दरों में हुई इस वृद्धि का असर प्रदेश के लाखों घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं पर पड़ेगा, हालांकि आयोग के फैसले से प्रस्तावित 24 प्रतिशत वृद्धि की तुलना में उपभोक्ताओं को काफी राहत मिली है।
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