New Delhi 16 June (Rns) /- दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने रेस कोर्स (Race Course) झुग्गी-झोपड़ी इलाके में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत दी है। अदालत ने निर्देश दिया है कि 1 जुलाई तक उन लोगों के घरों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी, जिन्होंने पुनर्वास के लिए दूसरी जगह जाने का विकल्प स्वीकार नहीं किया है और अभी तक वहां शिफ्ट नहीं हुए हैं। हाईकोर्ट ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि ऐसे निवासियों के खिलाफ फिलहाल तोड़फोड़ या बेदखली की कार्रवाई नहीं की जाए। अदालत का यह आदेश उन लोगों के लिए राहत लेकर आया है, जो लंबे समय से अपने आशियाने को लेकर चिंता में थे। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने प्रभावित लोगों की स्थिति और पुनर्वास प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए अंतरिम राहत प्रदान की। अदालत ने कहा कि जिन लोगों ने वैकल्पिक आवास का विकल्प नहीं चुना है, उनके मामले पर विचार किए बिना जल्दबाजी में कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।
जस्टिस तेजस करिया और जस्टिस मधु जैन की पीठ ने कहा कि यदि लोग अपनी इच्छा से वहां से नहीं गए हैं, तो उन्हें 1 जुलाई तक हटाया नहीं जा सकता। पीठ भाई राम कैंप, डीआईडी कैंप और मस्जिद कैंप के कुछ निवासियों की अपील पर सुनवाई कर रही थी। ये लोग सिंगल जज बेंच के उस आदेश को चुनौती दे रहे हैं, जिसमें इलाके से उन्हें हटाने की कार्रवाई में हस्तक्षेप करने से इनकार किया गया था। यह मामला उस क्षेत्र से जुड़ा है, जहां प्रधानमंत्री का आधिकारिक आवास भी स्थित है। झुग्गी निवासियों का कहना है कि पुनर्वास और विस्थापन की प्रक्रिया को लेकर उनकी चिंताओं पर ध्यान दिया जाना चाहिए

