मुंबई ,17 जून। टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो इंफोकॉम जल्द ही अपने बहुप्रतीक्षित आईपीओ की दिशा में बड़ा कदम उठा सकती है।
रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी कुछ ही दिनों में 4 अरब डॉलर (लगभग 400 अरब रुपये) के आईपीओ के लिए ड्राफ्ट पेपर्स दाखिल कर सकती है। यह फाइलिंग रिलायंस इंडस्ट्रीज की 19 जून को होने वाली सालाना आम बैठक से पहले हो सकती है। हालांकि, कंपनी की ओर से इस रिपोर्ट पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
मुकेश अंबानी ने पिछले साल शेयरधारकों की बैठक में कहा था कि जियो का आईपीओ 2026 के पहले छह महीनों में लाया जाएगा। हालांकि, तय समय सीमा निकल जाने के बावजूद कंपनी इस साल प्रक्रिया शुरू कर सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और इजराइल के बीच तनाव तथा बाजार में बढ़ी अनिश्चितता के कारण इस योजना में देरी हुई। इस साल अब तक रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में करीब 15 प्रतिशत की गिरावट भी दर्ज की गई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि जियो ही नहीं, बल्कि कई अन्य कंपनियों की लिस्टिंग योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। वॉलमार्ट समर्थित फोनपे समेत कई कंपनियों ने अपने आईपीओ प्लान फिलहाल टाल दिए हैं। प्राइम डेटाबेस के आंकड़ों के अनुसार, इस साल अब तक भारत में आईपीओ की कुल वैल्यू सालाना आधार पर 39 प्रतिशत घटकर 2.1 अरब डॉलर रह गई है। वैश्विक तनाव ने निवेशकों की धारणा और बाजार की तरलता दोनों को प्रभावित किया है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी आईपीओ की सफलता के लिए निवेशकों का भरोसा और सकारात्मक माहौल जरूरी होता है। कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट के एमडी नीलेश शाह के अनुसार, प्रमोटर और निवेशक अभी वैल्यूएशन को लेकर अलग-अलग उम्मीदें रख रहे हैं। अगर अमेरिका-ईरान के बीच अंतरिम समझौता होता है और होर्मुज स्ट्रेट फिर से सामान्य रूप से खुलता है, तो साल की दूसरी छमाही में आईपीओ बाजार में फिर तेजी लौट सकती है।
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