कोच्चि,17 जून(आरएनएस)। विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन की बेटी वीणा टी, मंथली पेमेंट केस के सिलसिले में पूछताछ के लिए कोच्चि में एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट ऑफिस में पेश हुईं. अपने पति और पूर्व मंत्री पी ए मोहम्मद रियास के साथ वह सुबह करीब 10:30 बजे कड़ी सुरक्षा वाले एजेंसी ऑफिस पहुंचीं.
यह केंद्रीय एजेंसी द्वारा जारी किया गया दूसरा नोटिस है जिसमें वीना को पूछताछ के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है. जब एक सप्ताह पहले शुरुआती समन भेजा गया था, तो उन्होंने स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला देते हुए दो सप्ताह की मोहलत मांगी थी. हालाँकि, जांच टीम ने केवल पांच दिन की मोहलत दी और उन्हें बुधवार को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का सख्त आदेश दिया.
पुलिस ने वीणा के कार्यालय में आसानी से प्रवेश की सुविधा के लिए एक विशेष सुरक्षा गलियारे की व्यवस्था की थी. ईडी छापे के पिछले उदाहरणों से बिल्कुल अलग, कार्यालय के आसपास मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी का कोई भी कार्यकर्ता या नेता मौजूद नहीं था.
एजेंसी वीना को दिए गए लगभग 50 लाख रुपये के एक और सब-कॉन्ट्रैक्ट से जुड़े हालात की जांच कर रही है, साथ ही उससे जुड़े फाइनेंशियल ट्रांज़ैक्शन की भी जांच कर रही है. अगर यह पता चलता है कि इन पैसों का इस्तेमाल करके कोई संपत्ति खरीदी गई है, तो यह मामला प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के दायरे में आएगा, जिससे ईडी ऐसी संपत्तियों को अटैच करने सहित कार्रवाई शुरू करेगा। चल रही पूछताछ इन संभावित कानूनी कदमों की शुरुआत है.
जांच एजेंसी मुख्य रूप से वीना से दो जरूरी बातों पर क्लैरिटी चाहती है, जिसमें सबसे जरूरी है कि कंपनियों ने जो आईटी सर्विसेज दी, वे असल में कैसी थी. इन सर्विसेज की आड़ में हर महीने 5 लाख रुपये के हिसाब से कुल 2.78 करोड़ रुपये लिए गए. यह जांच सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस की इस बात से मेल खाती है कि कोई भी ठोस सर्विस असल में दी गई थी, यह साबित करने के लिए कोई रिकॉर्ड नहीं थे.
वीना की आईटी फर्म और एक अन्य कंपनी के बीच फाइनेंशियल डीलिंग 2016-17 के दौरान शुरू हुई, जिसमें दोनों कंपनियों ने 2016 में अपना पहला एग्रीमेंट साइन किया और उसके बाद 2017 में एक और एग्रीमेंट साइन किया. ईडी का मकसद मौजूदा पूछताछ के दौरान इन खास दावों की सच्चाई का पता लगाना है.
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