एवियन,17 जून। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस के एशिया में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान ईरान के साथ हुए शांति समझौते को लेकर कहा कि यह अंतिम समझौता ज्ञापन नहीं है। उन्होंने मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा, यह अंतिम समझौता ज्ञापन नहीं है, अगर मुझे यह पसंद नहीं आया, तो हम उन पर फिर से गोली चलाना शुरू कर देंगे, उनके सिर पर बम गिरा देंगे।
ट्रंप ने आगे कहा, अगर मुझे यह पसंद नहीं आया, अगर वे ठीक से व्यवहार नहीं करते हैं, तो हम सीधे उनके सिर के बीचोंबीच बम गिराना शुरू कर देंगे। उन्होंने समझौते के बारे में पत्रकारों से कहा, यह एक बहुत मजबूत समझौता है। किसी को नहीं पता कि यह क्या है, लेकिन यह बहुत मजबूत है, और ज्यादातर लोग इससे बहुत खुश दिख रहे हैं। बता दें कि ट्रंप शिखर सम्मेलन में समझौते को शानदार बता चुके हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौता ज्ञापन को इजरायल ने नहीं देखा है। समझौते से पहले बातचीत में इजरायली सरकार के शामिल न होने से उनकी दुविधा बढ़ती जा रही है।
इस बीच, सूत्रों ने दावा किया कि बुधवार को इजरायली जेट विमानों ने नबातीह अल-फौका क्षेत्र और पड़ोसी कफऱ तेबनीत के बाहरी इलाकों पर हमला किया है। इजरायली सेना की इस पर कोई टिप्पणी नहीं आई है।
ईरान और अमेरिका के बीच हुए शांति समझौते पर दोनों पक्षों के डिजिटल हस्ताक्षर हो गए हैं। अमेरिका की ओर से राष्ट्रपति ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने हस्ताक्षर किए हैं। ईरान की ओर से ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गलिबाफ ने हस्ताक्षर किया है। गलिबाफ ईरान की ओर से शांति समझौते के प्रमुख वार्ताकार हैं। अब दोनों पक्षों की मुलाकात 19 जून को स्विट्जरलैंड के जिनेवा में होगा, जहां औपचारिक रूप से आधिकारिक हस्ताक्षर होंगे।
इस समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत खोला जाएगा, जो दुनिया का महत्वपूर्ण तेल और गैस आपूर्ति का जलमार्ग है। साथ ही, ईरान से अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध हटाने का रास्ता खुलेगा। इसके बदले, ईरान ने परमाणु हथियार न बनाने का वादा किया है। दोनों पक्षों ने युद्धविराम 60 दिन बढ़ाया है, जिससे बातचीत और एक संभावित व्यापक समझौते के लिए गुंजाइश मिलेगी। लेबनान समेत सभी मोर्चों पर हमला बंद करना होगा, जिससे इजरायल सहमत नहीं है।
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