मॉस्को,18 जून। यूक्रेन ने गुरुवार को रूस की राजधानी मॉस्को पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया है। यूक्रेनी सेना ने तेल रिफाइनरी पर कई ड्रोन दागे, जिससे वहां आग लग गई। यह हमले तब हुए, जब यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की फ्रांस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में युद्ध समाप्त करने के लिए समर्थन मांग रहे हैं। रूसी वायु रक्षा प्रणालियों ने कई क्षेत्रों में 555 यूक्रेनी ड्रोन को नष्ट किया है। हमले में 17 लोग घायल हुए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने बताया कि गुरुवार की सुबह तक हवाई सुरक्षा बलों ने रूसी राजधानी की ओर आ रहे 194 ड्रोनों को मार गिराया है। अब तक 100 से अधिक ड्रोन नहीं दागे गए थे। रूसी विमानन एजेंसी ने बताया कि गुरुवार को मॉस्को के सभी प्रमुख हवाई अड्डे बंद हैं और उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गईं हैं। हमलों के समय राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन मॉस्को से 700 किलोमीटर कजान में थे।
हमलों के बाद सामने आए वीडियो में क्रेमलिन से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित कपोटनो की मॉस्को ऑयल रिफाइनरी से आग की लपटें दिख रही हैं। यह रिफाइनरी, जो मॉस्को की सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा सुविधाओं में से एक है, राजधानी के 40 प्रतिशत तक पेट्रोल और लगभग 50 प्रतिशत डीजल ईंधन की आपूर्ति करती है। रूसी अधिकारियों ने बताया कि हमले में आवासीय इमारत, निजी घरों, वाहनों, फिटनेस सेंटर, औद्योगिक संयंत्र और शॉपिंग सेंटर को नुकसान पहुंचा है।
हफ्ते में दूसरी बार मॉस्को की तेल रिफाइनरी पर हमला करने वाले यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इसे 15 जून को कीव के ऐतिहासिक पेचेर्स्क लावरा मठ पर हुए रूसी हमले की प्रतिक्रिया बताई है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि यह हमला हमारे शहरों और समुदायों पर रूसी हमलों की पूरी तरह से न्यायसंगत प्रतिक्रिया है। उन्होंने गुरुवार को कहा कि अगर यूक्रेन जलेगा तो मॉस्को भी जलेगा, अब युद्ध को समाप्त करने का समय आ गया है।
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