महासमुंद 19 जून (आरएनएस) चार राज्यों में फैले करोड़ों के नशे के साम्राज्य पर महासमुंद पुलिस ने ऐसा वार किया कि गांजा तस्करी नेटवर्क का सबसे बड़ा मास्टरमाइंड आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया। उत्तर प्रदेश के शामली से गिरफ्तार किया गया आरोपी विनय कुमार शर्मा उर्फ पंडित जी (50), पिता संतोष शर्मा, निवासी ग्राम कुलमाली, थाना बाबरी, जिला शामली, पूरे सिंडिकेट का मुख्य रिसीवर और फाइनेंसर बताया गया है। पुलिस के अनुसार वह 10 से अधिक शराब ठेकों की आड़ में शराब, भांग और गांजे का अंतरराज्यीय कारोबार संचालित कर रहा था।
मामला थाना बसना के अपराध क्रमांक 197/2026 से जुड़ा है। 17 अप्रैल 2026 को पलसापाली बैरियर पर नाकाबंदी के दौरान पुलिस और एएनटीएफ ने आयशर ट्रक (AP 39 TT 4556) से कच्चे केले की बोरियों के नीचे छिपाकर ले जाए जा रहे 912.760 किलोग्राम गांजा जब्त किया था, जिसकी कीमत करीब 4 करोड़ 56 लाख 38 हजार रुपये आंकी गई। तस्करी के लिए चार फर्जी नंबर प्लेटों का इस्तेमाल किया गया था और खेप ओडिशा के कंधमाल से उत्तर प्रदेश के शामली भेजी जा रही थी।
जांच के दौरान व्हाट्सएप चैट, गूगल डेटा और मोबाइल की तकनीकी विवेचना ने पूरे नेटवर्क की परतें खोल दीं। पहले ही कैरियर अब्दुल नईम (झारखंड), मुख्य बिचौलिया राम कुमार सिंह उर्फ रामजी ठाकुर तथा सप्लायर रमाकांत बेहरा और बबलू नायक को गिरफ्तार किया जा चुका था। इनके खुलासों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर विशेष पुलिस टीम ने शामली पहुंचकर विनय शर्मा को 17 जून 2026 को गिरफ्तार किया। न्यायालय से चार दिन का ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद उसे महासमुंद लाया जा रहा है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(B)(ii)(C), 29 तथा बीएनएस की धाराएं 336(2), 338 और 340 के तहत कार्रवाई की जा रही है।
बहरहाल, महासमुंद पुलिस की ‘सोर्स से डेस्टिनेशन’ तक की रणनीति ने साफ कर दिया है कि अब नशे के कारोबार में सिर्फ कैरियर ही नहीं, बल्कि पूरे सिंडिकेट का मास्टरमाइंड भी कानून से बच नहीं पाएगा।


