०राज्य पोषित डेयरी उद्यमिता विकास योजना ने विनोद मड़े को बनाया आत्मनिर्भर, कृषि के साथ पशुपालन बना आय का मजबूत आधार
बीजापुर,19 जून (आरएनएस)। शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। पशुधन विकास विभाग द्वारा संचालित राज्य पोषित डेयरी उद्यमिता विकास योजना भी ऐसी ही एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसने जिले के किसानों और पशुपालकों को स्वरोजगार एवं अतिरिक्त आय का अवसर प्रदान किया है। इस योजना का लाभ लेकर ग्राम गोखूर, तहसील भोपालपटनम, जिला बीजापुर निवासी किसान विनोद मड़े ने अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।विनोद मड़े, पिता बोड़काराम मड़े, मुख्य रूप से कृषि कार्य से जुड़े हुए हैं। खेती-किसानी से होने वाली आय के साथ अतिरिक्त आमदनी के स्रोत की तलाश में उन्होंने पशुधन विकास विभाग की राज्य पोषित डेयरी उद्यमिता विकास योजना के बारे में जानकारी प्राप्त की। योजना से प्रेरित होकर उन्होंने डेयरी व्यवसाय शुरू करने का निर्णय लिया।योजना के तहत उन्होंने दो दुधारू गायों की इकाई स्थापित की, जिसकी कुल लागत 1 लाख 40 हजार रुपये थी। इस इकाई पर उन्हें पशुधन विकास विभाग द्वारा 93 हजार 240 रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ, जिससे डेयरी व्यवसाय शुरू करने में आर्थिक सहयोग मिला और उनकी निवेश संबंधी चिंता काफी हद तक कम हो गई।वर्तमान में उनकी दोनों गायों से प्रतिदिन लगभग 18 से 20 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। उत्पादित दूध को वे स्थानीय बाजार में 70 रुपये प्रति लीटर की दर से विक्रय करते हैं। इससे सभी खर्चों को निकालकर उन्हें लगभग 12 हजार रुपये प्रतिमाह की शुद्ध अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है।विनोद मड़े बताते हैं कि कृषि के साथ डेयरी व्यवसाय जुडऩे से उनके परिवार की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। नियमित आय का स्रोत बनने से घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति आसान हुई है और आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में अधिक सुदृढ़ हुई है। उन्होंने अन्य किसानों एवं ग्रामीणों से भी शासन की स्वरोजगार आधारित योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने की अपील की है। विनोद मड़े की यह सफलता दर्शाती है कि यदि योजनाओं का सही तरीके से लाभ लिया जाए तो ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि के साथ पशुपालन को जोड़कर आय के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं। राज्य पोषित डेयरी उद्यमिता विकास योजना किसानों की आय बढ़ाने, रोजगार सृजन करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में प्रभावी भूमिका निभा रही है।शासन की योजनाओं से मिली सहायता ने मुझे डेयरी व्यवसाय शुरू करने का अवसर दिया। आज पशुपालन मेरी आय का महत्वपूर्ण स्रोत बन गया है और मैं आर्थिक रूप से पहले से अधिक मजबूत महसूस करता हूं। — विनोद मड़े, लाभार्थी
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