बिलासपुर,20 जून (आरएनएस) । छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने न्यायालय की अवमानना से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में स्पष्ट किया है कि अवमानना की जिम्मेदारी किसी संस्था या विभाग की नहीं, बल्कि आदेश का पालन नहीं करने वाले संबंधित अधिकारी की होती है। इसी सिद्धांत के आधार पर हाईकोर्ट ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (हृ॥्रढ्ढ) को पक्षकार बनाकर दायर अवमानना याचिका को खारिज कर दिया।जस्टिस बी.डी. गुरु की एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि अवमानना कार्यवाही व्यक्तिगत उत्तरदायित्व पर आधारित होती है। किसी संस्था, प्राधिकरण या राज्य सरकार को अवमानना का दोषी ठहराकर उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की कल्पना कानून की मूल भावना के विपरीत है।मुआवजा मामले में नहीं हुआ था आदेश का पालनमामला बिलासपुर निवासी अरविंद कुमार गोयल से जुड़ा है। उन्होंने भूमि अधिग्रहण और मुआवजे से संबंधित शिकायतों के निराकरण के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने हृ॥्रढ्ढ को 90 दिनों के भीतर शिकायतों का निराकरण करने का निर्देश दिया था। निर्धारित अवधि में कार्रवाई नहीं होने पर याचिकाकर्ता ने अवमानना याचिका दायर कर दी और सीधे हृ॥्रढ्ढ को पक्षकार बना लिया।
त्रिपाठी
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