अंबिकापुर, 22 जून (आरएनएस)। अंबिकापुर के कला केंद्र मैदान के आवंटन को लेकर कथित भ्रष्टाचार का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मैदान आवंटन के नाम पर कथित लेन-देन और बड़ी रकम की मांग से जुड़ा एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है। मामले में महापौर मंजूषा भगत ने इसे साजिश करार देते हुए शिकायत दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, वायरल ऑडियो में कला केंद्र मैदान में वर्षों से बाजार लगाने वाले अनुराग तिवारी और महापौर के बीच कथित बातचीत सुनाई दे रही है। ऑडियो में अनुराग तिवारी द्वारा मैदान आवंटन के लिए दी गई राशि वापस मांगे जाने की बात कही जा रही है। साथ ही भाजपा जिला अध्यक्ष पर अतिरिक्त राशि की मांग करने का भी आरोप लगाया जा रहा है।
हालांकि, इस ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इसकी सत्यता की आधिकारिक पुष्टि अभी तक किसी जांच एजेंसी द्वारा नहीं की गई है।
महापौर ने आरोपों को बताया फर्जी
ऑडियो वायरल होने के बाद महापौर मंजूषा भगत भावुक अवस्था में थाना पहुंचीं और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने आवेदन सौंपा। मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने पूरे मामले को निराधार, फर्जी और उनकी छवि खराब करने की साजिश बताया।
महापौर ने कहा कि इस कथित ऑडियो के जरिए उनके और उनके परिवार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि उनका परिवार मानसिक रूप से परेशान है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष ने उठाए सवाल
वहीं नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष सफी अहमद ने मामले को गंभीर बताते हुए नगर निगम के कार्यों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि वायरल ऑडियो से नगर निगम में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की आशंकाएं सामने आती हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
जांच के बाद ही साफ होगी तस्वीर
फिलहाल मामला शिकायत और आरोप-प्रत्यारोप के स्तर पर है। वायरल ऑडियो की प्रामाणिकता, उसमें किए गए दावों और कथित लेन-देन की वास्तविकता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। प्रशासन और पुलिस द्वारा मामले की जांच किए जाने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ पाएगी।
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