-संस्कृत भारती ने चलाया गो सम्मान आह्वान हस्ताक्षर अभियान
मथुरा 22 जून (आरएनएस)। संस्कृत भारती मथुरा द्वारा गोपाल गली स्थित प्राचीन श्री गोपाल मंदिर में श्री विष्णु मतानुयायी गोपाल वैष्णव पीठाधीश्वर यदुनंदन महाराज के सान्निध्य में गो सम्मान आह्वान अभियान चलाया गया। यदुनंदन महाराज ने गौमाता की पौराणिक मान्यताओं पर प्रकाश डालते हुए गौमाता को करोड़ों भारतीयों की आस्था व श्रद्धा का प्रतीक बताया उन्होंने केंद्र व प्रदेश सरकार से गो हत्या को रोकने के लिए कठोर से कठोर कानून बनाने की मांग की। ज्योतिषाचार्य पंडित कामेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने कहा गौमाता में भारतीय परंपरा के समस्त आराध्य देवी देवताओं का निवास है। भारतवर्ष में गौमाता को वैदिक काल से ही पूजनीय माना गया है अत: गोवंश की रक्षा के लिए कठोर कानून बनाने की आवश्यकता है। संस्कृत भारती जिलाध्यक्ष आचार्य ब्रजेन्द्र नागर ने बताया 27 जुलाई को गो सम्मान आह्वान अभियान के अन्तर्गत सम्पूर्ण भारतवर्ष में सभी जिला मुख्यालयों पर जिलाधिकारी के माध्यम से देश के राष्ट्रपति,प्रधानमंत्री एवं राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम 40 करोड़ हस्ताक्षर सहित ज्ञापन सौंपा जाएगा जिसमें गोवध निषेध कानून बनाने, गोवंश को राष्ट्रीय सांस्कृतिक धरोहर घोषित किए जाने तथा सम्पूर्ण देश में कत्ल घरों को शक्ति से बंद किए जाने की मांग की जाएगी। कार्यक्रम का संचालन संस्कृत भारती प्रचार प्रमुख रामदास चतुर्वेदी शास्त्री ने गोवंश की रक्षा के लिए सभी गौ भक्तों को आगे आने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस अवसर पर आचार्य कुंज किशोर भूरा बाबा, आचार्य मकरन्द बाबा, ज्योतिषाचार्य पंडित दीपक चतुर्वेदी, सौरभ शास्त्री चतुर्वेदी, नवनीत बाबा, ब्रजेश बाबा, अनुराग बाबा,पंकज चतुर्वेदी, ऋषभ देव चतुर्वेदी कौशलेंद्र चतुर्वेदी आदि ने गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग की।
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