धमतरी, 23 जून (आरएनएस)। राज्य विधिज्ञ परिषद छत्तीसगढ़ के सदस्य एवं अधिवक्ता Shatruhan Singh Sahu ने प्रदेश के राजस्व न्यायालयों में कथित भ्रष्टाचार, बाबू प्रथा और दलाल तंत्र पर प्रभावी अंकुश लगाने की मांग उठाई है। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, राजस्व मंत्री और राजस्व सचिव को ज्ञापन भेजकर राजस्व न्यायालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है।ज्ञापन में अधिवक्ता साहू ने कहा है कि प्रदेश के तहसील, नायब तहसीलदार, एसडीएम, अपर कलेक्टर और कलेक्टर न्यायालयों में लंबित मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके चलते आम नागरिकों, किसानों और भूमिधारकों को न्याय मिलने में अनावश्यक विलंब का सामना करना पड़ रहा है।उन्होंने आरोप लगाया कि कई राजस्व न्यायालयों में बाबू प्रथा और दलाल तंत्र का प्रभाव बढ़ता जा रहा है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि अभिलेखीय अनियमितताओं, बार-बार स्थगन और कथित भ्रष्टाचार के कारण लोगों का विश्वास प्रभावित हो रहा है।
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