नईदिल्ली, 24 जून। बजाज ने 23 जून को उस पर रैंसमवेयर हमला (फिरौती के लिए) होने की पुष्टि की है। इससे उसके और सहायक कंपनी बजाज ऑटो टेक्नोलॉजी के सिस्टम भी प्रभावित हुए। यह हमला भारतीय समयानुसार सुबह करीब 8 बजे हुआ। कंपनी ने कहा कि उसकी तकनीकी टीमें, प्रबंधन और बाहरी साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने तुरंत अहतियाती कदम उठाए और हमले को रोकने के लिए जरूरी प्रोटोकॉल लागू किए। हमले के जवाब में उठाए गए अहतियाती कदम अब तक सफल रहे हैं।
कंपनी ने नियमों के तहत जरूरी होने पर इस घटना की जानकारी इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम को दी है और भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड के लिस्टिंग ऑब्लिगेशंस एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स, 2015 के रेगुलेशन 30 के तहत इसका खुलासा किया है। बजाज ने इसमें शामिल रैंसमवेयर की प्रकृति या किसी डाटा के लीक होने के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। इससे कंपनी के शेयर आज 1.68 फीसदी गिरकर 9847.10 रुपये पर आ गए।
यह घटना दुनियाभर में ऑटोमोटिव और इंडस्ट्रियल कंपनियों को निशाना बनाने वाले साइबर हमलों के सिलसिले की एक और कड़ी है। जैसे-जैसे वाहन बनाने वाली कंपनियां प्रोडक्शन की प्लानिंग, इंवेंट्री मैनेजमेंट, डीलर के साथ तालमेल और प्रोडक्ट डेवलपमेंट के लिए एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर पर ज्यादा निर्भर होती जा रही हैं, वैसे-वैसे इसका असर बढ़ गया है। रैंसमवेयर ग्रुप्स ने मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को खास तौर पर निशाना बनाना शुरू कर दिया है क्योंकि प्रोडक्शन रुकने से भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है।
००
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

