राजनांदगांव, 24 जून (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में राज्य जीएसटी विभाग ने फर्जी बिलिंग और टैक्स चोरी के बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए एक कारोबारी को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि मैसर्स आदेश्वर ट्रेड लिंक नामक फर्म ने महज छह महीने में कागजों पर 76 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार दिखाया, जबकि वास्तविक लेन-देन के कोई ठोस प्रमाण नहीं मिले।
मामले में फर्म संचालक आदेश्वर चौरडिय़ा को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिनों की कस्टोडियल रिमांड पर भेज दिया गया है।
जीएसटी विभाग की जांच में पता चला कि फर्म ने कथित कारोबार के आधार पर करीब 8.22 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) हासिल की थी। अधिकारियों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल की कुछ संदिग्ध कंपनियों से आयरन और स्टील की खरीद के नाम पर करोड़ों रुपये के बिल प्राप्त किए गए, लेकिन माल की वास्तविक आपूर्ति और परिवहन से जुड़े कोई दस्तावेज नहीं मिले।
जांच के दौरान ई-वे बिल, ट्रांसपोर्ट रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की पड़ताल में भी लेन-देन की पुष्टि नहीं हो सकी। विभाग का मानना है कि यह मामला केवल कागजी बिलिंग और फर्जी आईटीसी नेटवर्क से जुड़ा है, जहां कुछ फर्में सिर्फ बिल जारी कर टैक्स क्रेडिट पास करने का काम कर रही थीं।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि कई सप्लायर फर्मों के जीएसटी पंजीयन पहले ही निरस्त किए जा चुके हैं और उनके वास्तविक कारोबार का कोई प्रमाण नहीं मिला है। अधिकारियों का कहना है कि यह एक संगठित अंतरराज्यीय फर्जी बिलिंग नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है, जिसमें कई राज्यों की फर्में शामिल हैं।
फिलहाल बैंक खातों, ई-वे बिल, परिवहन रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की गहन जांच जारी है। विभाग ने साफ किया है कि फर्जी बिलिंग और टैक्स चोरी करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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