बिलासपुर 25 जून (आरएनएस) पुलिस अधिकारियों को पैसा पहुंचाने का झांसा देकर लाखों रुपये की उगाही का खेल आखिरकार बेनकाब हो गया। थाना तारबाहर पुलिस ने ऐसे गिरोह पर शिकंजा कसते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने थाना पहुंचे एक युवक के परिजनों को डराकर पहले एक लाख रुपये अपने खाते में डलवाए और फिर लगातार चार लाख रुपये और देने के लिए धमकियां देता रहा।
मामला थाना तारबाहर क्षेत्र का है। प्रार्थी रूपेश पटेल निवासी ग्राम मोहदा, थाना सरायपाली, जिला महासमुंद ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 19 जून 2026 को वह निजी काम से बिलासपुर आया था। इस दौरान दो महिला मित्रों के साथ विवाद होने पर सभी थाना तारबाहर पहुंचे। घबराए प्रार्थी ने अपने दोस्त सचिन मेहर को फोन कर पूरी जानकारी दी। इसी जानकारी का फायदा उठाते हुए सचिन मेहर और सुमित देवांगन ने प्रार्थी के घरवालों को फोन कर पुलिस अधिकारियों को पैसा देने के नाम पर पांच लाख रुपये की मांग की। डर के कारण परिजनों ने एक लाख रुपये आरोपी सुमित देवांगन के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद लगातार चार दिनों तक शेष चार लाख रुपये देने के लिए फोन पर धमकियां दी जाती रहीं।
शिकायत मिलते ही थाना तारबाहर पुलिस ने अपराध क्रमांक 209/2026 के तहत धारा 308(2) एवं 3(5) बीएनएस में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज कुमार पटेल, नगर पुलिस अधीक्षक गगन कुमार के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र अनंत के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर 36 वर्षीय आरोपी सुमीत कुमार देवांगन, पिता अशोक कुमार देवांगन, निवासी देवांगन मोहल्ला, चांपा, जिला जांजगीर-चांपा को हिरासत में लेकर पूछताछ की। आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने प्रार्थी के परिजनों से एक लाख रुपये अपने खाते में मंगवाए थे और बाद में वह रकम दूसरे आरोपी के खाते में ट्रांसफर कर दी थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है, जबकि मामले के अन्य दो आरोपी अभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।
फिलहाल, पुलिस का कहना है कि कानून के नाम पर डराकर वसूली करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। ऐसे मामलों में किसी भी झांसे या दबाव में आने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचना देना ही सबसे सुरक्षित कदम है।

