रायपुर,25 जून (आरएनएस)। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai दो दिवसीय दिल्ली प्रवास से लौटने के बाद कहा कि प्रदेश के सभी कोचिंग संस्थानों की जांच कराई जाएगी। हाल ही में लखनऊ में हुए कोचिंग संस्थान हादसे का उल्लेख करते हुए उन्होंने मुख्य सचिव को सुरक्षा मानकों की समीक्षा और जांच के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्रीAmit Shah से मुलाकात कर बस्तर क्षेत्र के विकास और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। इस बैठक में उपमुख्यमंत्री Vijay Sharm भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री छ्व. J. P. Nadda मुलाकात कर छत्तीसगढ़ में आयुर्वेदिक एम्स की स्थापना की मांग रखी। उन्होंने कहा कि राज्य का लगभग 44 प्रतिशत भूभाग वन क्षेत्र से आच्छादित है और यहां औषधीय जड़ी-बूटियों की प्रचुर उपलब्धता है। ऐसे में आयुर्वेद आधारित शोध और उपचार को बढ़ावा देने के लिए आयुर्वेदिक एम्स की स्थापना आवश्यक है।
आपातकाल को बताया लोकतंत्र पर हमला
25 जून को आपातकाल की वर्षगांठ पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह दिन संविधान हत्या दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 25 जून 1975 को लागू आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों को ठेस पहुंची थी और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का हनन हुआ था। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई पीढ़ी को उस दौर की जानकारी देने के लिए एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम में आपातकाल से जुड़े विषयों को शामिल किया गया है।
यूपीएससी अभ्यर्थियों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित यूथ हॉस्टल का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। यहां रहकर तैयारी करने वाले 13 विद्यार्थियों ने संघ लोक सेवा आयोग (क्कस्ष्ट) की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण की है। अब इन अभ्यर्थियों की मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए भी बेहतर सुविधाएं और आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
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