कोलकाता। पूर्वी भारत में तेजी से विकास करने वाले शहरों का नेटवर्क बनाने और ‘विकसित भारतÓ का लक्ष्य हासिल करने के लिए कोलकाता को एक बड़े शहरी और आर्थिक केंद्र के तौर पर फिर से विकसित करना आवश्यक है। यह बयान शुक्रवार को प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार समिति (ईएसी) के सदस्य संजीव सान्याल ने दिया। कोलकाता में पत्रकारों से बात करते हुए सान्याल ने कहा कि ‘विकसित भारतÓ के विजन को साकार करने के लिए पूर्वी भारत और बंगाल का विकसित होना जरूरी है, और इसमें कोलकाता इस क्षेत्र का सबसे बड़ा शहरी केंद्र बना रहेगा। सान्याल ने कहा, “विकसित भारत के लिए विकसित पूर्वी भारत और विकसित बंगाल की जरूरत है, और इसमें विकसित कोलकाता की अहम भूमिका है।”
उन्होंने पूर्वी भारत में तेजी से बढ़ रहे शहरी केंद्रों का नेटवर्क बनाने की जरूरत पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि पटना, गुवाहाटी, रांची और भुवनेश्वर जैसे शहरों को भी ग्रोथ सेंटर के तौर पर उभरने की जरूरत है, लेकिन कोलकाता इस इलाके का सबसे बड़ा हब बना हुआ है और पूर्वी भारत में तेजी से आर्थिक विकास के लिए इसका फिर से आगे बढऩा बहुत जरूरी है।
उन्होंने कहा, “हमें पटना, गुवाहाटी, रांची और भुवनेश्वर की जरूरत है, उन्हें भी तेजी से आगे बढऩा होगा, लेकिन सच तो यह है कि कोलकाता अभी भी सबसे बड़ा हब है, इसलिए शहरी हब के इस नेटवर्क को तेजी से बढ़ाने के लिए कोलकाता को फिर से सक्रिय करना बहुत जरूरी है।”
सान्याल ने कोलकाता के शहरी इकोसिस्टम में निवेश करने की जरूरत पर जोर दिया और कहा कि शहर की विकास की रफ्तार को फिर से पटरी पर लाने के लिए कई कदम उठाने होंगे। इनमें रीडेवलपमेंट की पहल और उन औद्योगिक नीतियों में बदलाव शामिल हैं जो शायद कारोबार और निवेश के लिए काफी मददगार नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि बंगाल का व्यापार और उद्यमिता का लंबा इतिहास रहा है और कारोबार राज्य की संस्कृति में गहराई से रचा-बसा है। उनके अनुसार, इनोवेशन, जोखिम उठाने और उद्यमिता की उस भावना को फिर से जगाने की जरूरत है जिसके लिए बंगाली लोग ऐतिहासिक रूप से जाने जाते थे।
सान्याल ने कहा कि विकसित भारत बनाने के बड़े लक्ष्य में एक विकसित बंगाल को अहम भूमिका निभानी होगी, और इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए कोलकाता के आर्थिक और शहरी इकोसिस्टम को मजबूत करना सबसे जरूरी होगा।
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