जगदीश यादव
कोलकाता 26 जून (आरएनएस)। महानगर कोलकाता पोर्ट अंचल के तारातला इलाके में गोदाम गिरने की घटना में मरने वालों की संख्या आज बढ़कर 15 हो गई है।एसएसकेएम अस्पताल में अभी भी 18 घायल भर्ती हैं। मलबे से दो व्यक्तियों को निकाला गया और उन्हें एसएसकेएम अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। खबर के लिखे जाने तक व घटना के लगभग दो दिन बाद भी राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। लोहे के भारी बीम काटकर और कंक्रीट के विशाल स्लैब हटाकर मलबे में फंसे लोगों की तलाश की जा रही है। आज फिर मलबे से दो व्यक्तियों को निकाला गया और उन्हें एसएसकेएम अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस अभी तक मृतकों की पहचान नहीं कर पाई है।
आज तड़के एसएसकेएम अस्पताल में उपचाराधीन मन्नू कुमार (19) व साहिल सरदार (19) की मौत हो गई।
बिहार के मुंगेर निवासी मन्नू कुमार को बुधवार को मलबे से जीवित निकाला गया था। गुरुवार रात उनका ऑपरेशन भी किया गया, लेकिन चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद आज सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया। इससे पहले उनके भाई घी कुमार (17) की भी इस हादसे में मौत हो चुकी है, जबकि उनके पिता अस्पताल में उपचाराधीन हैं। इसके अलावा घायल गणेश कालिंदी (45) की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। अब तक हादसे में मरने वालों की पहचान कृष्ण चौधरी (30), रोहित चौधरी (40), राहुल चौधरी (17), चंद्रमा चौधरी (60), पप्पू रजक (40), प्रमोटर असगर हुसैन (55), साहिल सरदार (19), घी कुमार (17), हसन इमाम (44), गणेश कालिंदी (45), नवीन सिंह (44), मन्नू कुमार (19) और स्वपन मंडल (53) के रूप में हुई है। इसके अलावा दो शवों की पहचान अभी नहीं हो सकी है।
बचाव दल को आशंका है कि मलबे के नीचे अभी भी कई और लोग फंसे हो सकते हैं। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा, “अभी यह कहना संभव नहीं है कि कोई और फंसा है या नहीं। एनडीआरएफ और सेना से अपडेट मिलने के बाद, मैं कोलकाता पुलिस को सूचित करूंगा।” अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि बुधवार को निर्माणाधीन गोदाम की छत अचानक गिरने के बाद से कुल 33 लोगों को बचाया गया और उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कई मजदूर और स्टाफ सदस्य बड़े-बड़े कंक्रीट स्लैब, लोहे के बीम और कंस्ट्रक्शन मटीरियल के नीचे दब गए।
कोलकाता पुलिस, फायर सर्विसेज, डिजास्टर मैनेजमेंट फोर्स और एनडीआरएफ ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, और बाद में सेना भी इसमें शामिल हो गई। तब से, बचाव अभियान पूरी रात जारी रहा है और अत्याधुनिक उपकरण, खोजी कुत्ते, क्रेन और कटर को काम पर लगाया गया है। जिसे भी बचाया जाता है, उसे हॉस्पिटल ले जाने से पहले, वहीं बनाए गए एक अस्थायी चिकित्सा शिविर में फस्र्ट एड दिया जाता है। कोलकाता पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, “जांच से पता चला है कि गिरफ्तार किए गए दो लोगों के खिलाफ पहले भी आपराधिक केस दर्ज थे।” निर्माण में लापरवाही, सुरक्षा मानकों का उल्लंघन और ड्यूटी में लापरवाही के आरोपों की भी जांच की जा रही है। पुलिस निर्माण से जुड़े सभी डॉक्यूमेंट्स, परमिट और टेक्निकल पहलुओं की जांच कर रही है. इस बीच, साइट पर रेस्क्यू ऑपरेशन तीसरे दिन भी जारी है। अधिकारियों को डर है कि अभी भी कोई नीचे फंसा हो सकता है, इसलिए बहुत सावधानी से मलबा हटाया जा रहा है। बता दे कि, पोर्ट अंचल के तारातल्ला इलाके के ट्रांसपोर्ट डिपो अंचल में दोपहर 12:07 बजे निर्माणाधीन वेयरहाउस (गोदाम) का शेड गिर गया। हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है और दर्जनों लोग घायल हुए हैं और कई अबतक लापता हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। निर्माणाधीन गोदाम अचानक भरभराकर गिर गया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारातला हादसे पर दुख जताया। उनके कार्यालय ने घायलों और मृतकों के परिवारों के लिए आर्थिक मदद की भी घोषणा की है।

