हावड़ा के घर में भी तलाशी, लाल बाजार के सवालों पर ‘कालीÓ ने साधी चुप्पी
कोलकाता 28 जून (आरएनएस)। तारातला हादसे की जांच कर रही कोलकाता पुलिस ने गिरफ्तार कालीचरण बनर्जी से लालबाजार पुलिस मुख्यालय में जहां पूछाताछ की। वहीं कोलकाता के पूर्व मेयर फिरहाद के ओएसडी कालीचरण के हावड़ा स्थित निवास में भी तलाशी अभियान को अंजाम दिया गया है। पूर्व मेयर के ओएसडी कालीचरण कई अहम सवालों के जवाब टाल रहे हैं।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए कालीचरण बनर्जी उर्फ ‘कालीÓ के हावड़ा के ठिकाने पर तलाशी अभियान चलाया गया। वह अभी 4 जुलाई तक पुलिस की हिरासत में है। जांचकर्ताओं को शक है कि तारातला में बने उस गोदाम के खराब डिजाइन को मंजूरी देने के पीछे कोई बड़ा आर्थिक लेन-देन हुआ है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि मामले से जुड़े किसी निर्माण अनुमति, नक्शा या अन्य प्रशासनिक दस्तावेज का इस पूरे घटनाक्रम से कोई संबंध है या नहीं। फिलहाल तलाशी में क्या बरामद हुआ है, इस बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं बताया गया है।
कोलकाता पुलिस की खुफिया शाखा यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर नियमों को ताक पर रखकर दोषपूर्ण बिल्डिंग प्लान कैसे पास किए जाते थे। लालबाजार के सूत्रों के मुताबिक, कालीचरण से मुख्य रूप से निम्नलिखित सवाल पूछे जा गए। बिल्डिंग प्लान को मंजूरी देने की पूरी प्रक्रिया क्या थी और क्या इसके बाद कोई निगरानी की जाती थी? पैसों के बदले गलत नक्शा पास कराने के इस खेल में और कौन-कौन शामिल है? साथ ही पूछे गए कि, कालीचरण की सिफारिश पर नगर निगम ने अब तक कितने प्लान पास किए? वित्तीय लेनदेन सीधे कालीचरण के जरिए होता था या इसके लिए कोई बिचौलिया नेटवर्क काम कर रहा था?
इधर सरकारी वकील सौरीन घोषाल ने अदालत में दावा किया कि कालीचरण ने पैसों के बदले अयोग्य बिल्डिंग प्लान पास कराने के लिए एक पूरा संगठित नेटवर्क (सिंडिकेट) बना रखा था। अवैध दस्तावेजों को वैध दिखाने के लिए एक अलग टीम काम करती थी, जिसके सदस्यों की पहचान की जा रही है। कालीचरण के असहयोग को देखते हुए लालबाजार के खुफिया विभाग ने अब सीधे कोलकाता नगर निगम के बिल्डिंग विभाग से संपर्क साधा है। हादसे से जुड़े प्रोजेक्ट्स के ओरिजिनल दस्तावेज और फाइलों को खंगाला जा रहा है। जांचकर्ताओं को संदेह है कि कालीचरण के पीछे बेहद प्रभावशाली राजनीतिक और प्रशासनिक चेहरों का हाथ था, जिसके कारण यह अवैध खेल लंबे समय से बिना किसी डर के चल रहा था। अब देखना होगा कि 4 जुलाई तक की पुलिस कस्टडी में कालीचरण मुंह खोलते हैं या नहीं और इस भ्रष्टाचार के तार कहां तक जुड़ते हैं।
इस पूरे मामले ने तब और राजनीतिक तूल पकड़ लिया जब गुरुवार को विधानसभा में तारातला हादसे पर बयान देते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सीधे कालीचरण बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के ‘सेकंड-इन-कमांडÓ अभिषेक बनर्जी के दफ्तर (कैमैक स्ट्रीट) पर निशाना साधा। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा में कहा था कि, “कैमैक स्ट्रीट के निर्देश पर ही कालीचरण को कोलकाता नगर निगम में नियुक्त किया गया था। कोलकाता की ऐसी कोई इमारत नहीं है, जिसके अप्रूवल के बारे में ‘कालीÓ को पता न हो। सब कुछ उसी के इशारे पर होता था। इस ‘कालीÓ को पकड़ते ही भ्रष्टाचार के सारे राज सामने आ जाएंगे।”
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