रायपुर 26 जून (आरएनएस) एक मोबाइल मैसेज ने सरकारी नौकरी का ऐसा सपना दिखाया कि कई युवकों की मेहनत की कमाई ठगों की जेब में पहुंच गई। शासकीय मदिरा दुकानों में सुपरवाइजर और सेल्समैन की नौकरी दिलाने का झांसा देकर 4.50 लाख रुपये ऐंठने वाले दो शातिर आरोपियों को रायपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामले का खुलासा होते ही फर्जी नियुक्ति पत्रों के सहारे चल रहे पूरे ठगी के खेल से पर्दा उठ गया।
थाना खम्हारडीह में जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम लखुर्री निवासी शिवधन सागर की शिकायत पर अपराध क्रमांक 203/26 के तहत धारा 318(4) एवं 336(3) बीएनएस में मामला दर्ज किया गया। शिकायत के अनुसार सितंबर 2025 में मोबाइल पर भर्ती का संदेश मिलने के बाद उसकी मुलाकात आरोपी योगेश साहू से हुई, जिसने खुद को भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा बताकर रायपुर बुलाया। यहां उसने प्रार्थी और उसके साथियों से प्रति व्यक्ति 1.50 लाख रुपये लेकर कुल 3 लाख रुपये वसूल लिए और जिला कोरबा की शासकीय विदेशी मदिरा दुकान के नाम से फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिए।
जब नियुक्ति पत्र फर्जी निकले तो योगेश ने अपने साथी दिलीप यादव से मिलवाया, जिसने खुद को निजी कंपनी का ऑपरेशन हेड बताते हुए नौकरी दिलाने का भरोसा देकर 1.50 लाख रुपये और ले लिए। इसके बाद दोनों आरोपी लगातार टालमटोल करते रहे। पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) मयंक गुर्जर के निर्देश पर थाना खम्हारडीह पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, मुखबिर की सूचना और लगातार दबिश के आधार पर दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने ठगी करना स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक कार्रवाई की गई।
गिरफ्तार आरोपियों में योगेश साहू (27 वर्ष), पिता घनाराम साहू, मूल निवासी फूलवारी, थाना सुहेला, जिला बलौदा बाजार, हाल निवासी शिवानंद नगर सेक्टर-3, थाना खमतराई, रायपुर तथा दिलीप यादव (32 वर्ष), पिता अर्जुन यादव, निवासी कैलाश नगर, बीरगांव, थाना उरला, रायपुर शामिल हैं।
बहरहाल: नौकरी का सपना दिखाकर ठगी करने वाले गिरोह लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। सरकारी भर्ती से जुड़े किसी भी संदेश पर भरोसा करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि जरूर करें, क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही आपकी जिंदगी भर की जमा-पूंजी छीन सकती है।

