ग्रेटर नोएडा 30 June (Rns):करीब पांच वर्ष पहले बादलपुर थाना क्षेत्र के गिरधरपुर गांव में प्लॉट विवाद को लेकर पंचायत के दौरान हुए बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड में सत्र अदालत ने आठ आरोपियों को दोषी करार दिया है। दोष सिद्ध होने के बाद अदालत मंगलवार को सभी दोषियों की सजा पर फैसला सुनाएगी।
अदालत ने गिरधरपुर निवासी पांच सगे भाइयों देवेंद्र चंदेला, रविंद्र चंदेला, जितेंद्र चंदेला, सतेंद्र चंदेला और धर्मेंद्र चंदेला के अलावा बागपत निवासी भोपाल, उसके भाई महिपाल उर्फ अल्लू तथा पैरामाउंट, सूरजपुर निवासी अमरजीत बंसल को दोषी ठहराया है। सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
पंचायत के दौरान हुई थी ताबड़तोड़ फायरिंग
यह घटना 8 फरवरी 2021 की है। गिरधरपुर गांव में प्लॉट विवाद को लेकर पंचायत बुलाई गई थी। आरोप है कि पंचायत के दौरान विवाद बढ़ने पर देवेंद्र पक्ष के लोगों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। गोलीबारी में दो चचेरे भाई सलेक उर्फ सुरेश और अमित की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके चाचा प्रेम सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने हत्या समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था।
मुख्य चश्मदीद गवाह की भी कर दी गई हत्या
घटना में घायल प्रेम सिंह इलाज के बाद स्वस्थ हुए और इस दोहरे हत्याकांड के सबसे अहम प्रत्यक्षदर्शी गवाह बने। परिजनों का आरोप है कि शुरुआती चार माह तक उन्हें पुलिस सुरक्षा मिली, लेकिन बाद में सुरक्षा हटा ली गई। इसके बाद 16 दिसंबर 2021 को खेत से घर लौटते समय बाइक सवार बदमाशों ने प्रेम सिंह को तीन गोलियां मार दीं। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस मामले में भी देवेंद्र, रविंद्र समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। मुख्य गवाह की हत्या के बाद पीड़ित परिवार दहशत में आ गया। मृतक सुरेश के परिवार और उसके भाई जयदीप, जो इस मामले के गवाह भी हैं, को गांव छोड़कर पलायन करना पड़ा। परिजनों ने आरोप लगाया था कि जेल में बंद आरोपी अपने परिचितों के माध्यम से समझौते का दबाव बना रहे थे और इनकार करने पर जान से मारने की धमकियां दी जा रही थीं।
गैंगस्टर एक्ट के तहत हुई कार्रवाई, चार करोड़ की संपत्ति कुर्क
घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए व्यापक अभियान चलाया। मुख्य आरोपी देवेंद्र, रविंद्र और भोपाल पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस के अनुसार, सूचना मिलने पर आरोपियों को कार से भागने के दौरान घेर लिया गया। इस दौरान आरोपियों ने फायरिंग की, जिसके बाद हुई मुठभेड़ में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लाइसेंसी राइफल, पिस्टल, तमंचा, कारतूस और घटना में प्रयुक्त कार बरामद की थी। साथ ही गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी देवेंद्र चंदेला की करीब चार करोड़ रुपये मूल्य की चल और अचल संपत्तियां धारा 14(1) के तहत कुर्क की थीं। कुर्क संपत्तियों में एक स्कूल, आठ भूखंड, कृषि भूमि और कार शामिल थीं।
अभियोजन के साक्ष्यों पर दोष सिद्ध
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, चिकित्सीय साक्ष्य, फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आठों आरोपियों को दोषी करार दिया। अब अदालत दोषियों की भूमिका, अपराध की गंभीरता और अन्य परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सजा का निर्धारण करेगी।

