नईदिल्ली,30 जून(आरएनएस)।। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में कुछ ठिकानों पर हमला किया था। इन हमलों में पाकिस्तान ने 29, वहीं अफगानिस्तान ने 36 लोगों के मारे जाने का दावा किया है। अब इस घटनाक्रम पर भारत ने अपने दोस्त अफगानिस्तान का साथ दिया है। भारत सरकार ने इन हमलों को लापरवाही भरा और क्षेत्रीय शांति को खतरे में डालने वाला कदम बताया है। साथ ही अफगानिस्तान की संप्रभुता को अपना अटूट समर्थन देते हुए जनता के प्रति संवेदना भी जाहिर की है।
विदेश मंत्रालय ने कहा, भारत अफगानिस्तान में पाकिस्तान के उन हमलों की कड़ी निंदा करता है, जिनमें महिलाओं-बच्चों समेत कई आम नागरिकों की जान गई है। पाकिस्तान की यह खुली आक्रामकता अफगानिस्तान की संप्रभुता पर हमला है और क्षेत्रीय शांति व स्थिरता के लिए सीधा खतरा है। भारत उन अफगान परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता है, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है और अफगानिस्तान की संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता के लिए अपने अटूट समर्थन को दोहराता है।
पाकिस्तान ने कहा कि उसके सुरक्षा बलों ने अफगान सीमा के पास एक जमीनी अभियान और उसके बाद हवाई हमलों में 29 आतंकवादियों को मार गिराया है। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने कहा कि 28 जून को खैबर पख्तूनख्वा में पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा के पास जमीनी अभियान चलाया, जिसमें 4 आतंकवादी मारे गए। वहीं, 28 जून की रात अफगानिस्तान के पक्तिया, पक्तिका और कुनार प्रांत में 3 आतंकवादी ठिकानों को नष्ट कर दिया गया, जिसमें 25 आतंकवादी मारे गए।
तरार ने कहा, सुरक्षा बलों ने विश्वसनीय खुफिया सूचना के आधार पर पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा क्षेत्र में जमात-उल-अहरार और फितना अल-खवारिज के आतंकी शिविरों और ठिकानों पर जमीनी कार्रवाई के बाद सुनियोजित तरीके से सीमापार हमले किए, जिसमें 29 आतंकी मारे गए। पाकिस्तान फितना-अल-ख्वारिज का इस्तेमाल आधिकारिक तौर पर प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और उससे जुड़े आतंकवादी समूहों के संबोधित करने के लिए करता है। वहीं, जमात-उल-अहरार टीटीपी से जुड़ा आतंकवादी समूह है।
27 जून की रात कराची में आतंकियों ने सिंध रेंजर्स के मुख्यालय को निशाना बनाया था। इसमें 4 जवान और 6 आतंकवादी मारे गए। आतंकी पहले विस्फोटकों से भरे वाहन को गेट से टकराकर परिसर में घुसे और इसके बाद हैंड ग्रेनेड फेंके। इसके फौरन बाद आतंकियों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। करीब 90 मिनट तक गोलीबारी होती रही। इस हमले की जिम्मेदारी जमात-उल-अहरार ने ली थी। इसी के बाद पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर हमला किया।
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