0-विदेशी अंशदान की निगरानी होगी अधिक प्रभावी, 50 लाख से अधिक ओसीआई कार्डधारकों को मिलेगी डिजिटल सुविधा
नई दिल्ली,30 जून(आरएनएस)। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को नई दिल्ली में एफसीआरए 2.0 (विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम) पोर्टल और ई-ओसीआई (भारतीय प्रवासी नागरिक) कार्ड का शुभारंभ किया। इस अवसर पर केंद्रीय गृह सचिव, विदेश सचिव, आसूचना ब्यूरो के निदेशक सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि दोनों नई पहल नागरिकों की सुविधाओं को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार न्यूनतम सरकार, अधिकतम सुशासन के सिद्धांत पर कार्य कर रही है। साफ नीयत, स्पष्ट नीति और आधुनिक तकनीक के उपयोग से शासन व्यवस्था ईमानदार नागरिकों के लिए सरल तथा अनियमित गतिविधियों पर अधिक प्रभावी निगरानी वाली बनती है।
एफसीआरए व्यवस्था हुई पूरी तरह डिजिटल
गृह मंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम की व्यवस्था फाइलों और लंबी प्रक्रियाओं में उलझी रहती थी तथा निगरानी भी प्रभावी नहीं थी। वर्तमान सरकार ने इस व्यवस्था को मजबूत किया है और अब एफसीआरए 2.0 पोर्टल के माध्यम से इसे पूरी तरह डिजिटल बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि विदेशी अंशदान से जुड़े आवेदनों और दान की बढ़ती संख्या को देखते हुए कागजी कार्यवाही कम करना और विदेशी धन के उपयोग पर वास्तविक समय में निगरानी रखना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक है। नया पोर्टल इसी उद्देश्य को पूरा करेगा।
अब नहीं होगी कागजी प्रक्रिया
एफसीआरए 2.0 पोर्टल के माध्यम से आवेदन, नवीनीकरण, वार्षिक विवरणी तथा अन्य सभी सेवाएं पूरी तरह ऑनलाइन उपलब्ध होंगी। अब दस्तावेजों की भौतिक प्रतियां जमा करने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी।
नई प्रणाली में आधार आधारित प्रमाणीकरण, ई-हस्ताक्षर, ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन (दस्तावेजों की डिजिटल पहचान), एकीकृत डैशबोर्ड तथा विभिन्न सरकारी अभिलेखों से समन्वित सत्यापन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। यह संपूर्ण प्रणाली राष्ट्रीय सरकारी क्लाउड ‘मेघराज’ पर संचालित होगी, जिससे आंकड़ों की सुरक्षा भी मजबूत होगी।
गृह मंत्री ने बताया कि आगामी महीनों में एफसीआरए मोबाइल अनुप्रयोग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित संवाद सहायक (चैटबॉट) तथा बैंकों के लिए समर्पित ऑनलाइन डैशबोर्ड भी शुरू किए जाएंगे।
विदेशी अंशदान पर होगी कड़ी निगरानी
अमित शाह ने कहा कि एफसीआरए कानून का उद्देश्य विदेशी अंशदान के वैध उपयोग को सुनिश्चित करना और गलत उद्देश्यों से आने वाले धन पर प्रभावी निगरानी रखना है। नई डिजिटल व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी तथा राष्ट्रीय सुरक्षा और सुशासन दोनों को मजबूती मिलेगी।
वर्तमान में देश में लगभग 14,500 सक्रिय एफसीआरए पंजीकृत संगठन कार्यरत हैं। प्रतिवर्ष लगभग 15 से 20 हजार आवेदन तथा करीब 17 हजार वार्षिक विवरणियां प्राप्त होती हैं, जिन्हें अब अधिक तेजी और पारदर्शिता के साथ निपटाया जा सकेगा।
ई-ओसीआई कार्ड से प्रवासी भारतीयों को बड़ी राहत
गृह मंत्री ने ई-ओसीआई कार्ड का भी शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि इस नई डिजिटल व्यवस्था से दुनिया भर में रहने वाले 50 लाख से अधिक भारतीय प्रवासी नागरिक (ओसीआई) कार्डधारकों को लाभ मिलेगा।
नई व्यवस्था के तहत आवेदन, दस्तावेज अपलोड, स्वीकृति और कार्ड डाउनलोड की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। 20 वर्ष की आयु के बाद नया पासपोर्ट जारी होने पर अब ओसीआई पुस्तिका दोबारा बनवाने की आवश्यकता नहीं होगी। केवल नए पासपोर्ट का विवरण ऑनलाइन अद्यतन करना होगा।
डिजिटल कार्ड होने से दस्तावेज खोने या क्षतिग्रस्त होने की समस्या समाप्त होगी तथा आव्रजन जांच के दौरान वास्तविक समय में सत्यापन की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
डिजिटल सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार एफसीआरए 2.0 पोर्टल और ई-ओसीआई कार्ड का शुभारंभ डिजिटल सुशासन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इन दोनों पहलों से नागरिकों को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध होंगी, वहीं सरकार को निगरानी, सत्यापन और प्रशासनिक कार्यों में अधिक दक्षता प्राप्त होगी।
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