हवाई यात्रियों को राहत! जेट फ्यूल हुआ सस्ता, घट सकती हैं फ्लाइट टिकटे
New Delhi 01 jully/- अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी के बीच देश की विमानन कंपनियों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर आई है। विमानों में इस्तेमाल होने वाले ईंधन यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में 5 रुपये प्रति लीटर की सीधी कटौती की गई है। इस बदलाव के बाद देश की राजधानी दिल्ली में जेट फ्यूल की कीमत 115 रुपये से घटकर अब 110 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर आ गई है। पश्चिम एशिया (वेस्ट एशिया) में उपजे संकट के बाद रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचे हवाई ईंधन के दामों में यह पहली गिरावट है, जिससे थोक भाव भी घटकर 1.10 लाख रुपये प्रति किलोलीटर रह गया है।
ग्लोबल मार्केट में तनाव घटने से मिली राहत, एयरलाइंस का घटेगा खर्च
ईंधन के दामों में यह कमी हाल के हफ्तों में वैश्विक स्तर पर आए सकारात्मक बदलावों का नतीजा है। पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव कम होने और कच्चे तेल की सप्लाई चेन सुधरने की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम नीचे आए हैं। चूंकि किसी भी एयरलाइन के परिचालन (ऑपरेटिंग) खर्च में सबसे बड़ा हिस्सा ईंधन का ही होता है, इसलिए इस कटौती से घरेलू विमानन कंपनियों को अपनी लागत घटाने में बड़ी मदद मिलेगी। हालांकि, आम यात्रियों को हवाई टिकटों में इसका कितना फायदा मिलेगा, यह काफी हद तक एयरलाइंस की अपनी आंतरिक रणनीतियों पर निर्भर करेगा।
महीने की पहली तारीख को होने वाले इस नियमित बदलाव के तहत सिर्फ हवाई ईंधन ही नहीं, बल्कि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों के दाम भी घटाए गए हैं। तेल विपणन कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 183.50 रुपये की भारी कटौती की है। इस साल व्यावसायिक गैस के दामों में यह पहली बड़ी गिरावट है, जिससे होटल और रेस्तरां संचालकों को बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, आम जनता के घरों में इस्तेमाल होने वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडरों की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है और वे अपने पुराने रेट्स पर ही बने हुए हैं।
प्राइवेट कंपनी ‘नायरा एनर्जी’ ने पेट्रोल-डीजल के दाम घटाए; सरकारी कंपनियां शांत
आम उपभोक्ताओं के लिए एक और बड़ा उलटफेर करते हुए देश की सबसे बड़ी निजी ईंधन खुदरा विक्रेता कंपनी ‘नायरा एनर्जी’ ने अपने देशव्यापी नेटवर्क पर पेट्रोल की कीमतों में ₹5 प्रति लीटर और डीजल में ₹3 प्रति लीटर की कटौती का एलान किया है। पिछले दो वर्षों में यह पहला मौका है जब किसी तेल कंपनी ने खुदरा ईंधन की कीमतों को कम किया है, जो कंपनी के 7,000 से अधिक पेट्रोल पंपों पर लागू हो चुका है। हालांकि, दूसरी तरफ सार्वजनिक क्षेत्र की सरकारी दिग्गज कंपनियों—इंडियन ऑयल (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL)—ने अपनी कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है और उनके रेट्स जस के तस बने हुए हैं।

