सुकमा,01जुलाई (आरएनएस)। संवेदनशील क्षेत्र में कानून व्यवस्था और सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए जिला प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय पुलिस से गहन विचार-विमर्श के बाद जिला जेल सुकमा के संपूर्ण परिसर और उसके आस-पास के क्षेत्र को पूरी तरह से ‘नो फ्लाई जोन घोषित कर दिया गया है। जेल परिसर के ऊपर या आस-पास बिना अनुमति के ड्रोन उड़ाना सुरक्षा में गंभीर सेंध और अवैध निगरानी का कारण बन सकता था, जिसे भांपते हुए प्रशासन ने इस अति-संवेदनशील इलाके की सुरक्षा को अब पूरी तरह से ‘हाई-अलर्ट मोड पर डाल दिया है।कलेक्टर अमित कुमार के द्वारा जारी इस आदेश के तहत भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की प्रासंगिक धाराओं के तहत मिली शक्तियों का उपयोग करते हुए, जेल परिसर के चारों दिशाओं में 200 मीटर की दूरी तक के पूरे दायरे को प्रतिबंधित क्षेत्र बना दिया गया है। अब कोई भी व्यक्ति जिला दंडाधिकारी या सक्षम सुरक्षा प्राधिकरण की पूर्व लिखित अनुमति के बिना इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार के ड्रोन, क्वाडकॉप्टर या मानवरहित विमान का संचालन नहीं कर सकेगा। यह आदेश आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने और जेल की आंतरिक सुरक्षा को अभेद्य रखने की दिशा में प्रशासन का एक रणनीतिक और सख्त कदम है।तत्काल प्रभाव से लागू की गई यह अधिसूचना आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी। प्रशासन ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि इस अधिसूचित क्षेत्र में किसी भी तरह की अनधिकृत ड्रोन गतिविधि को गंभीर और दंडनीय अपराध माना जाएगा। आदेश का उल्लंघन करने वाले तत्वों के खिलाफ संबंधित कड़े कानूनों के तहत तत्काल और कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन की इस मुस्तैदी से साफ है कि सुरक्षा व्यवस्था और कानून के राज से किसी भी कीमत पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
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