रायपुर,1 जुलाई (आरएनएस) । छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में मंत्रोच्चार कराने के आदेश को लेकर जारी विवाद के बीच स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने स्पष्ट किया है कि सरकार अपने फैसले पर कायम है और अदालत के निर्णय तक स्कूलों में मंत्रोच्चार जारी रहेगा।
मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि सरकार का उद्देश्य बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार देना है। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस, कुछ आदिवासी संगठनों और ईसाई संस्थाओं ने सरकार के आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
उन्होंने कहा कि फिलहाल सरकारी स्कूलों में निर्बाध रूप से मंत्रोच्चार कराया जाएगा। हाईकोर्ट जो भी निर्णय देगा, सरकार उसी के अनुरूप आगे की कार्रवाई करेगी।
इस दौरान शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों को लेकर सरकार के एक अहम फैसले की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के दौरान सेवानिवृत्त होने वाले सरकारी शिक्षक पूरे शैक्षणिक सत्र की समाप्ति तक विद्यार्थियों को पढ़ा सकेंगे। इससे पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी और छात्रों की शिक्षा में निरंतरता बनी रहेगी।
मंत्री ने कहा कि यदि कोई शिक्षक सत्र समाप्त होने तक सेवा देना नहीं चाहता तो यह उसका व्यक्तिगत निर्णय होगा, लेकिन अधिकांश शिक्षक विद्यार्थियों के हित में सत्र पूरा होने तक अपनी सेवाएं देने के पक्ष में रहते हैं।
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