New Delhi 02 Jully (Rns) /- श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में सामने आए चढ़ावा चोरी के बड़े मामले के बाद प्रशासनिक और कानूनी मोर्चों पर हलचल तेज हो गई है। एक तरफ जहां पुलिस जांच में आरोपियों के चौंकाने वाले तौर-तरीकों (मोडस ऑपरेंडी) का खुलासा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारियों के भविष्य को लेकर 6 जुलाई को एक बेहद अहम और आपातकालीन बैठक बुलाई गई है।
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद आगामी 6 जुलाई को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, पूर्व में हुई गड़बड़ी के कारण नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे चुके महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर अंतिम निर्णय ट्रस्ट के बायलॉज (उपनियमों) के अनुसार वोटिंग के जरिए लिया जाएगा।
विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने गुरुवार 2 जुलाई को एक इंटरव्यू में स्पष्ट किया है कि राम मंदिर में हुई इस चोरी के लिए वीएचपी जिम्मेदार नहीं है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मंदिर का संचालन ट्रस्ट का काम है, वीएचपी का नहीं।
लापरवाही की बात कबूली: आलोक कुमार ने स्वीकार किया कि वीएचपी के अंतर्राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय इस मामले में ‘लापरवाही के दोषी’ (Guilty of negligence) हो सकते हैं, क्योंकि आरोपी टिन्नू उनका ही ड्राइवर था और उसी के पास स्ट्रॉन्ग रूम की चाबियां थीं।
जांच के बाद कार्रवाई: उन्होंने कहा कि एफआईआर में स्पष्ट लिखा है कि जांच सिर्फ गिरफ्तार 8 लोगों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि हर उस व्यक्ति की जांच होगी जिसका नाम सामने आ रहा है। वीएचपी चंपत राय के खिलाफ कोई भी अंतिम फैसला या उन्हें पद से हटाने की कार्रवाई एसआईटी जांच की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही करेगी

