रायपुर,02 जुलाईं (आरएनएस)। स्वच्छ भारत मिशन एवं स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के तहत रायपुर नगर निगम ने जोन-2 और जोन-7 कार्यालय परिसरों में नए स्वरूप वाले आरआरआर(Reduce, Reuse, Recycle) सेंटर का शुभारंभ किया। महापौर मीनल चौबे ने सभापति सूर्यकांत राठौड़, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष गायत्री सुनील चंद्राकर, एमआईसी सदस्यों और पार्षदों की उपस्थिति में सेंटर का लोकार्पण किया।महापौर मीनल चौबे ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि घरों में उपयोग में नहीं आने वाली वस्तुओं को आरआरआर सेंटर में जमा करें, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जरूरतमंद लोगों की भी सहायता की जा सके। उन्होंने कहा कि नागरिकों का यह छोटा-सा प्रयास किसी जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान ला सकता है।नगर निगम ने दोनों आरआरआर सेंटरों के लिए ई-बैटरी वाहन उपलब्ध कराया है, जो जोन-2 और जोन-7 के सात-सात वार्डों से घरों में पड़ी अनुपयोगी लेकिन उपयोग योग्य वस्तुओं का संग्रह करेगा। इन वस्तुओं को मरम्मत कर जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाया जाएगा।नए स्वरूप वाले सेंटरों में महिला स्व-सहायता समूहों को संचालन की जिम्मेदारी दी गई है। महिलाओं के रोजगार को बढ़ावा देने के लिए यहां सिलाई मशीनों की भी व्यवस्था की गई है, जहां प्रशिक्षण के साथ स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।आरआरआर सेंटर में बर्तन बैंक, झोला बैंक के साथ पुराने कपड़े, जूते-चप्पल, इलेक्ट्रॉनिक सामान, बर्तन, प्लास्टिक सामग्री और अन्य उपयोगी वस्तुओं के संग्रह की अलग-अलग व्यवस्था की गई है। जो सामग्री पुन: उपयोग
योग्य नहीं होगी, उसे रिसाइक्लिंग के लिए अधिकृत एजेंसियों को भेजा जाएगा। वहीं पुराने कपड़ों से महिला स्व-सहायता समूह थैले और अन्य उपयोगी उत्पाद तैयार करेंगे।महापौर ने कहा कि आरआरआर (रिड्यूस, रियूज, रिसाइकिल) की अवधारणा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे लैंडफिल में जाने वाले कचरे में कमी आएगी, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण होगा और सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने शहरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में इस अभियान से जुडऩे और पर्यावरण संरक्षण में भागीदारी निभाने की अपील की।
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