लखनऊ 2 जुलाई (आरएनएस ), 2 जुलाई 2026। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (यूपीईआरसी) द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जारी टैरिफ आदेश पर नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि लगातार सातवें वर्ष सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दरों को यथावत रखना प्रदेश के करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत है। उन्होंने इसे प्रदेश सरकार की उपभोक्ता हितैषी नीतियों का परिणाम बताया।ऊर्जा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ऊर्जा क्षेत्र में सुधार, पारदर्शिता, हरित ऊर्जा को बढ़ावा और आधुनिक विद्युत अवसंरचना के विकास की दिशा में जो पहल हुई है, उसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने प्रभावी ढंग से लागू किया है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश बिजली उत्पादन, आपूर्ति, वितरण सुधार और उपभोक्ता सेवाओं के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।ए.के. शर्मा ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए टैरिफ सब्सिडी बढ़ाकर 20,400 करोड़ रुपये कर दी गई है, जबकि पिछले वर्ष यह 17,100 करोड़ रुपये थी। इससे लाइफलाइन उपभोक्ताओं, ग्रामीण एवं शहरी गरीब परिवारों, निजी नलकूप संचालकों और ग्रामीण मीटर्ड उपभोक्ताओं को पहले की तरह राहत मिलती रहेगी।उन्होंने कहा कि यूपीईआरसी ने लगभग 2,580 करोड़ रुपये के रेगुलेटरी गैप के बावजूद बिजली दरों में कोई वृद्धि नहीं की। आयोग ने माना कि उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन और राज्य के वितरण निगमों के बेहतर वित्तीय प्रबंधन तथा उपलब्ध रेगुलेटरी सरप्लस के कारण उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त भार डालने की आवश्यकता नहीं है। इसे उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र में वित्तीय अनुशासन और सुधारों का सकारात्मक परिणाम बताया।ऊर्जा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार हरित ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहनों को भी लगातार प्रोत्साहित कर रही है। ग्रीन एनर्जी अतिरिक्त टैरिफ को पूर्ववत रखा गया है। साथ ही बैटरी स्वैपिंग स्टेशन और बैटरी ऐज ए सर्विस (बीएएएस) प्रदाताओं के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। इसके अतिरिक्त सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक सौर ऊर्जा अवधि में ईवी चार्जिंग पर 20 प्रतिशत कम टैरिफ की व्यवस्था की गई है, जिससे स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।उन्होंने कहा कि प्रदेश में रिकॉर्ड विद्युत मांग की सफल आपूर्ति, ट्रांसमिशन और वितरण नेटवर्क का विस्तार, तकनीकी सुधार, लाइन हानियों में कमी तथा उपभोक्ता सेवाओं में पारदर्शिता के कारण उत्तर प्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में देश के लिए एक आदर्श मॉडल बनकर उभरा है। सरकार का लक्ष्य केवल निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि बिजली को आम उपभोक्ता की पहुंच में बनाए रखना भी है। इसी उद्देश्य से लगातार सात वर्षों से बिजली की दरों में कोई वृद्धि नहीं की गई है।ए.के. शर्मा ने कहा कि “विकसित भारत” और “विकसित उत्तर प्रदेश” के संकल्प को साकार करने में ऊर्जा क्षेत्र की यह उपलब्धि महत्वपूर्ण है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार आगे भी उपभोक्ता हितों की रक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, हरित ऊर्जा के विस्तार और आधुनिक एवं विश्वसनीय विद्युत व्यवस्था के विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी।
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