रांची 2 जुलाई (आरएनएस)। समय के साथ परिवार बदल जाते हैं, रिश्तों में दूरियाँ आ जाती हैं और हर पीढ़ी दुनिया को अपने-अपने नज़रिए से देखने लगती है। लेकिन, हर परिवार को आखिरकार किसी ऐसे इंसान की ज़रूरत होती है, जो सबको साथ जोड़कर रख सके। जो लड़ाई की जगह समझदारी चुने, नाराजग़ी की जगह माफी दे और कितनी भी मुश्किलें क्यों न आएँ, अपने परिवार को फिर से एक करने की कोशिश कभी न छोड़े। करोड़ों दर्शकों के लिए तुलसी हमेशा ऐसी ही रही है। आज से क्योंकि सास भी कभी बहू थी 10 साल के लीप के साथ अपनी कहानी के एक नए और अहम् अध्याय की शुरुआत कर रहा है। ऐसे में, स्मृति ईरानी बताती हैं कि उनके मुताबिक आज भी हर परिवार को तुलसी जैसी शख्सियत की क्यों जरूरत है और यह किरदार आज भी पहले जितना ही प्रासंगिक क्यों है।शो के इस नए चैप्टर के बारे में बात करते हुए स्मृति ईरानी कहती हैं, “बीते कई सालों में मुझे सबसे खूबसूरत बात तब सुनने को मिली, जब लोगों ने कहा कि तुलसी उन्हें अपनी माँ, दादी या नानी की याद दिलाती है। मुझे लगता है कि ऐसा इसलिए है, क्योंकि हर परिवार को, चाहे समय कितना भी बदल जाए, आखिर में किसी ऐसे इंसान की जरूरत होती है, जो रिश्तों को तोडऩे नहीं, बल्कि जोडऩे की कोशिश करे। जो लोगों को समझे, उनकी बात सुने और उन्हें बिना किसी फैसले के अपनाए।
Login
What's Hot
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

