बिलासपुर 2 जुलाई (आरएनएस) प्यार, भरोसा और शादी का वादा… लेकिन जब सच सामने आया तो रिश्ता नहीं, बल्कि अपराध की कहानी निकली। बिलासपुर पुलिस ने शादी का झूठा झांसा देकर युवती का दैहिक शोषण करने के आरोप में महज कुछ घंटों के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामला थाना तोरवा क्षेत्र का है, जहां पीड़िता की शिकायत पर अपराध दर्ज होते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को कानून के शिकंजे में ले लिया।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता पहले बिलासपुर के एक पेट्रोल पंप में कार्यरत थी। इसी दौरान उसकी पहचान सागर राठौर (19 वर्ष), पिता राधेश्याम राठौर, निवासी नवापारा स्कूल के पास, थाना गौरेला, जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही से हुई। आरोप है कि सागर ने युवती को प्रेमजाल में फंसाकर शादी करने का भरोसा दिलाया और इसी विश्वास के आधार पर उसके साथ लगातार शारीरिक संबंध बनाए। बाद में जब युवती ने विवाह की बात कही तो आरोपी साफ मुकर गया। इसके बाद पीड़िता ने थाना गौरेला में शिकायत दर्ज कराई। जांच में घटना स्थल थाना तोरवा क्षेत्र का होने पर प्रकरण को जीरो एफआईआर के माध्यम से स्थानांतरित किया गया।
थाना तोरवा में 1 जुलाई 2026 को अपराध क्रमांक 362/2026 के तहत धारा 69 बीएनएस में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। महिला संबंधी अपराध की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी निरीक्षक रजनीश सिंह के निर्देशन में पुलिस टीम तत्काल गौरेला-पेंड्रा-मरवाही रवाना हुई। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद 2 जुलाई 2026 को उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। अदालत के आदेश पर आरोपी को न्यायिक रिमांड में जेल भेज दिया गया।
बहरहाल, शादी का झूठा वादा कर किसी महिला का विश्वास तोड़ना केवल नैतिक अपराध नहीं, बल्कि कानून की नजर में गंभीर दंडनीय अपराध है और ऐसे मामलों में पुलिस की त्वरित कार्रवाई साफ संदेश देती है कि धोखे की हर साजिश आखिरकार कानून के दरवाजे तक पहुंचती है।

