अयोध्या 06 Jully (Rns) । अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान की कथित चोरी को लेकर उपजे विवाद के बीच आज श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और आपातकालीन बैठक होने जा रही है। यह बैठक ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के मठ ‘मणिराम छावनी’ में दोपहर 3:00 बजे आयोजित की जाएगी। दान में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद ट्रस्ट की यह पहली औपचारिक बैठक है। ट्रस्ट के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस बैठक का सबसे संवेदनशील और अहम मुद्दा महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर अंतिम फैसला होना है। बताया जा रहा है कि दोनों पदाधिकारी पहले ही अपना इस्तीफा सौंप चुके हैं। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने सभी नियमित और पदेन सदस्यों को इस बैठक में अनिवार्य रूप से शामिल होने का निर्देश दिया है। विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव ने पुष्टि की है कि सभी 14 सदस्यों को बैठक की सूचना और निमंत्रण भेज दिया गया है। राम मंदिर के चढ़ावे में हेराफेरी और चोरी के इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस प्रशासन मुस्तैद है और अब तक इस सिलसिले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पूरे देश की निगाहें इस समय अयोध्या में होने वाले प्रशासनिक और कानूनी घटनाक्रमों पर टिकी हुई हैं।
इस मामले पर देश का सियासी पारा भी चढ़ गया है। विपक्ष ने सीधे तौर पर ट्रस्ट पर निशाना साधते हुए 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि गायब होने का गंभीर आरोप लगाया है।
दूसरी ओर, विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अध्यक्ष आलोक कुमार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि ट्रस्ट को इतनी बड़ी धनराशि कभी प्राप्त ही नहीं हुई थी। हालांकि, उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए जांच अधिकारी को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा, आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल, संजय सिंह और समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव सहित उन सभी विपक्षी नेताओं से पूछताछ करने की मांग की है जिन्होंने सार्वजनिक मंचों से आरोप लगाए हैं। विहिप प्रमुख का कहना है कि यदि इन प्रभावशाली नेताओं के पास अपने दावों को साबित करने के लिए कोई पुख्ता सबूत हैं, तो उन्हें चल रही जांच में सहयोग करना चाहिए।
आज दोपहर होने वाली इस बैठक के निर्णयों पर न केवल अयोध्या बल्कि पूरे देश के राम भक्तों और राजनीतिक हलकों की नजरें टिकी हैं।

