New Delhi 07 Jully /- टी20 विश्व कप 2026 में भारत को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले संजू सैमसन एक बार फिर अपने करियर के सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हैं। आयरलैंड और इंग्लैंड के दौरों पर उन्हें सिर्फ तीन पारियों में बल्लेबाजी का मौका मिला, जिसमें उन्होंने कुल 12 गेंदों का सामना करते हुए महज छह रन बनाए। इसके बाद चौथे मैच में 15 साल के युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में शामिल कर लिया गया। अब जिम्बाब्वे दौरे के लिए चुनी गई टीम से भी सैमसन का नाम नदारद है। ऐसे में क्रिकेट गलियारों में यह बड़ा सवाल तैर रहा है कि क्या सिर्फ 12 गेंदों के खेल के आधार पर एक विश्व कप विजेता खिलाड़ी को टीम से बाहर करना सही फैसला है?
विश्व कप में टीम इंडिया की रीढ़ बने थे सैमसन
विश्व कप के शुरुआती मैचों में जब भारतीय बल्लेबाजी क्रम बिखर रहा था, तब टीम प्रबंधन ने संजू सैमसन पर पूरा भरोसा दिखाया और उन्हें अंतिम एकादश में मौका दिया। सैमसन ने भी इस भरोसे को सही साबित किया और लगातार तीन मैचों में नाबाद 97, 89 और 89 रनों की मैच जिताऊ पारियां खेलीं। सेमीफाइनल और फाइनल जैसे बड़े मुकाबलों में उन्होंने अपने व्यक्तिगत शतक की परवाह न करते हुए टीम के हित को आगे रखा और तेजी से रन बनाने के प्रयास में अपने विकेट गंवाए। उनकी इसी निडर बल्लेबाजी ने भारत को विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाई

