भोपाल 07 Jully (Rns) । मध्यप्रदेश में विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत से ठीक पहले स्कूल शिक्षा विभाग ने एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। विभाग ने सालों से गैर-शैक्षणिक कार्यों और मलाईदार पदों पर जमे 213 शिक्षकों का अटैचमेंट (संबद्धीकरण) तत्काल प्रभाव से खत्म कर दिया है।
अब लंबे समय से विधायकों के निजी सहायक (PA) और विभिन्न मंत्रालयों व दफ्तरों में बाबू (क्लर्क) बनकर बैठे इन शिक्षकों को वापस ब्लैकबोर्ड संभालना होगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेश के 16 जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि वे इन सभी शिक्षकों को तत्काल कार्यमुक्त (Relieve) कर उनके मूल पदस्थापना वाले स्कूलों में भेजें।
इस बड़ी कार्रवाई की नींव पिछले साल विधानसभा के मानसून सत्र में ही पड़ गई थी। दरअसल, 30 जुलाई को विदिशा जिले की सिरोंज विधानसभा सीट से भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा ने सदन में एक तीखा सवाल पूछा था कि शिक्षा विभाग के कितने शिक्षकों को अलग-अलग विभागों में अटैच किया गया है? इस सवाल के बाद विभाग ने जिला स्तर पर गहन समीक्षा की। समीक्षा में जो सूची सामने आई, उसने सबको चौंका दिया। इसके बाद अब सत्र शुरू होने से पहले सरकार ने किसी भी तरह की किरकिरी से बचने के लिए यह आदेश जारी कर दिया

