0-प्रसारण मंच से हटने के बाद केंद्र ने गठित की उच्च स्तरीय समिति, विषय-वस्तु की होगी जांच
नई दिल्ली,07 जुलाई(आरएनएस)। अभिनेता एवं गायक दिलजीत दोसांझ अभिनीत फिल्म ‘सतलुजÓ प्रसारण मंच से हटाए जाने के बाद विवादों में घिर गई है। अब सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने फिल्म की विषय-वस्तु की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय अंतर-विभागीय समिति (आईडीसी) का गठन किया है। समिति अपनी जांच पूरी करने के बाद केंद्र सरकार को अपनी सिफारिशें सौंपेगी।
यह फिल्म पंजाब के मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन और उनके लापता होने की घटना से प्रेरित बताई जा रही है। फिल्म की कहानी वर्ष 1990 के दशक में पंजाब में कथित गैर-कानूनी हत्याओं और जबरन अपहरण की घटनाओं की पृष्ठभूमि पर आधारित है।
सूत्रों के अनुसार फिल्म को 4 जुलाई को ज़ी5 पर प्रसारित किया गया था, लेकिन लगभग 48 घंटे बाद इसे मंच से हटा लिया गया। सरकारी सूत्रों का कहना है कि फिल्म के कुछ दृश्यों का दुरुपयोग भारत विरोधी तत्वों द्वारा किए जाने की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया।
फिल्म हटाए जाने के बाद दर्शकों ने सामाजिक माध्यमों पर नाराजगी जताई और निर्णय पर सवाल उठाए। फिल्म को लेकर बहस लगातार तेज होती जा रही है।
यह फिल्म मूल रूप से ‘पंजाब 95Ó शीर्षक से बनाई गई थी। लंबे समय तक यह केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड की प्रमाणन प्रक्रिया में लंबित रही। बताया जाता है कि बोर्ड ने फिल्म में 120 से अधिक संशोधन सुझाए थे, लेकिन इसके बाद भी प्रमाणन प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।
इसके बाद निर्माताओं ने फिल्म का नाम बदलकर ‘सतलुजÓ रखा और इसे चलचित्र प्रसारण मंच (ओटीटी) पर जारी करने का निर्णय लिया। डिजिटल मंचों पर प्रदर्शित सामग्री के लिए उस समय अलग व्यवस्था होने के कारण इसे वहीं प्रदर्शित किया गया।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि फिल्म का केवल नाम बदलकर उसे बिना पूर्ण प्रमाणन प्रक्रिया के जारी किया गया। इसी पहलू सहित फिल्म की विषय-वस्तु की जांच के लिए अंतर-विभागीय समिति गठित की गई है।
समिति की रिपोर्ट आने के बाद केंद्र सरकार आगे की कार्रवाई और आवश्यक निर्णय लेगी। फिलहाल फिल्म प्रसारण मंच से हटाई जा चुकी है और इस पूरे घटनाक्रम पर फिल्म जगत तथा दर्शकों की नजर बनी हुई है।
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