कोलकाता 9 जुलाई (आरएनएस)। पश्चिम बंगाल की सरकारी बसें अब एक नए रंग रूप में नजर आएंगी। परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह ने एक बड़ा बयान देते हुए घोषणा की है कि राज्य में अब सरकारी बसें भगवा रंग में दौड़ेंगी। इसके साथ ही उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों के पसंदीदा रंगों पर तीखा तंज भी कसा है। परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह ने बसों के रंग की राजनीति पर पिछली सरकारों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, “सीपीएम (वामपंथी) के शासनकाल में बसों का रंग लाल हुआ करता था। तृणमूल कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद इसे बदलकर नीला-सफेद कर दिया गया। लाल रंग का मतलब ‘खतराÓ होता है और नीला-सफेद ‘चोरीÓ का प्रतीक बन चुका था। इसके विपरीत, भगवा त्याग और राष्ट्रवाद का प्रतीक है। हम राष्ट्रवाद में विश्वास रखते हैं, इसलिए नई बसों का रंग भगवा होगा।”
गौरतलब है कि पिछले हफ्ते ही एसी-58 रूट पर इको स्पेस से सोनारपुर के बीच चलने वाली एक बस की तस्वीर सामने आई थी, जो पारंपरिक नीले-सफेद के बजाय पूरी तरह भगवा रंग में रंगी थी। इसके अलावा डब्ल्यूबीटीसी के टॉलीगंज डिपो से भी भगवा रंग की बसों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही थीं। बसों के रंग बदलने के साथ-साथ भाजपा सरकार पश्चिम बंगाल के परिवहन क्षेत्र में कई बड़े सुधारात्मक कदम उठा रही है। कोलकाता की ऐतिहासिक धरोहर ‘ट्रामÓ को एक बार फिर नए रूप में शहर की धड़कन बनाने की तैयारी है। बहरहाल परिवहन विभाग की 70 ट्राम रूटों का पुनरुद्धार: बंद हो चुके करीब 70 ट्राम रूटों को फिर से शुरू करने की योजना है। शहरवासियों की सुविधा के लिए दक्षिणेश्वर से कालीघाट के बीच एक नया ट्राम रूट तैयार किया जाएगा। साल्टलेक, न्यू टाउन और राज्य के विभिन्न धार्मिक पर्यटन कॉरिडोर तक ट्राम लाइनों के विस्तार की रूपरेखा तैयार की गई है। बसों की संख्या में बढ़ोतरी: विभिन्न व्यस्त रूटों पर सरकारी बसों की संख्या बढ़ाई गई है और बंद पड़े पुराने रूटों को दोबारा शुरू करने पर विचार चल रहा है। साफ है कि बंगाल की सड़कों पर अब न सिर्फ नई रफ्तार दिखने वाली है, बल्कि उसका रंग भी पूरी तरह से बदलने जा रहा है।
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